नई दिल्ली/ प्रीति बालानी/ भारतीय संगीत जगत की दिग्गज और अपनी जादुई आवाज से करोड़ों दिलों पर राज करने वाली पार्श्व गायिका एस जानकी अम्मा के निधन पर देश भर में शोक की लहर दौड़ गई है। देश के शीर्ष नेतृत्व—राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे भारतीय संस्कृति और संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है।
इस दुखद घड़ी में नेताओं द्वारा व्यक्त किए गए शोक संदेश और उनके संगीत सफर की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
शीर्ष नेतृत्व ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
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- राष्ट्रपति का संदेश: ”एस जानकी अम्मा का निधन भारतीय संगीत के एक सुनहरे युग का अंत है। उन्होंने अपनी जादुई आवाज से दशकों तक करोड़ों दिलों पर राज किया। विभिन्न भाषाओं में गाए उनके गीत हमेशा हमारी स्मृतियों में जीवित रहेंगे।”
”एस जानकी अम्मा का निधन भारतीय संगीत के एक सुनहरे युग का अंत है। उन्होंने अपनी जादुई आवाज से दशकों तक करोड़ों दिलों पर राज किया। विभिन्न भाषाओं में गाए उनके गीत हमेशा हमारी स्मृतियों में जीवित रहेंगे।”
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- उपराष्ट्रपति की संवेदना: उपराष्ट्रपति ने शोक जताते हुए कहा कि जानकी जी की बहुमुखी प्रतिभा और असाधारण आवाज ने भारतीय सिनेमाई संगीत को समृद्ध किया। उनका जाना कला जगत के लिए एक बड़ा शून्य छोड़ गया है।
- प्रधानमंत्री ने जताया दुख: प्रधानमंत्री ने दुख व्यक्त करते हुए कहा: ”एस जानकी जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। वह एक ऐसी असाधारण कलाकार थीं, जिनकी आवाज ने भाषाई सीमाओं को तोड़कर लोगों को एकजुट किया। संगीत में उनके बहुमूल्य योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। ओम शांति।”
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”एस जानकी जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। वह एक ऐसी असाधारण कलाकार थीं, जिनकी आवाज ने भाषाई सीमाओं को तोड़कर लोगों को एकजुट किया। संगीत में उनके बहुमूल्य योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। ओम शांति।”
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- गृहमंत्री की श्रद्धांजलि: गृहमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि एस जानकी जी ने संगीत जगत में जो मुकाम हासिल किया, वह अद्वितीय है। उनका मधुर संगीत आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करता रहेगा।
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हिंदी सिनेमा में बिखेरा आवाज का जादू: बप्पी दा के साथ सुपरहिट जुगलबंदी
यूं तो जानकी अम्मा ने दक्षिण भारतीय भाषाओं में ऐतिहासिक सफलता हासिल की, लेकिन हिंदी सिनेमा (बॉलीवुड) में भी उन्होंने कई सदाबहार और सुपरहिट गाने दिए जो आज भी गुनगुनाए जाते हैं। संगीत प्रेमियों के दिलों में बसे उनके कुछ बेहद लोकप्रिय गीत इस प्रकार हैं:
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- बप्पी लहरी के साथ यादगार गाने: दिग्गज संगीतकार बप्पी लाहिड़ी के साथ गाए उनके गीत आज भी डांस फ्लोर और रेडियो पर राज करते हैं। इनमें फिल्म ‘साहेब’ का सदाबहार गाना “यार बिना चैन कहां रे”, “गोरी का साजन, साजन की गोरी”, “सुन रुबिया” और “घायल घायल तूने मुझे कर दिया” जैसे चार्टबस्टर गाने शामिल हैं।
- अन्य चुनिंदा हिंदी गीत: इनके अलावा “नैनो में निंदिया है” और “हसीनों का दस्तूर” भी उनके उन चुनिंदा हिंदी गानों में से हैं, जिन्हें श्रोताओं ने भरपूर प्यार दिया और जो उनकी बहुमुखी गायकी का प्रमाण हैं।
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48,000 गानों का एक अद्भुत और सुनहरा सफर
एस जानकी ने अपने पांच दशक से अधिक लंबे करियर में 17 से अधिक भाषाओं में लगभग 48,000 गाने गाए। उन्होंने तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और हिंदी सहित कई भाषाओं में अपनी आवाज का जादू बिखेरा।
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- पुरस्कार और सम्मान: उन्हें सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायिका के लिए 4 बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से नवाजा गया, साथ ही विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा उन्हें दर्जनों बार सर्वश्रेष्ठ गायिका का पुरस्कार मिला।
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एस जानकी अम्मा के निधन से संगीत उद्योग ने अपना एक अनमोल रत्न खो दिया है। दुनिया भर में फैले उनके करोड़ों प्रशंसक और फिल्मी हस्तियां नम आंखों से संगीत की इस ‘कोकिला’ को अंतिम विदाई दे रही हैं।