सुरक्षित सड़क मार्ग (सुसमा) अभियान : 2.51 लाख युवाओं को सड़क सुरक्षा का प्रशिक्षण, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज
जयपुर, 3 सितम्बर। नरेश गुनानी।टेलीग्राफ टाइम्स
सार्वजनिक निर्माण विभाग एवं उच्च शिक्षा विभाग, राजस्थान के सहयोग से चलाए जा रहे सुरक्षित सड़क मार्ग (सुसमा) अभियान के तहत अब तक प्रदेशभर में 2 लाख 51 हजार से अधिक युवाओं को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा चुका है। बुधवार को महारानी कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की ओर से इस अभियान को “सबसे बड़ा युवा नेतृत्वित सड़क सुरक्षा अभियान एवं सुरक्षित सड़क कॉरिडोर विकास” शीर्षक से रिकॉर्ड में दर्ज करने की घोषणा की गई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री व लोक निर्माण विभाग मंत्री दिया कुमारी को प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।
“अभियान को जीवन का हिस्सा बनाएं” – उपमुख्यमंत्री
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने सुसमा अभियान की सराहना करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा के नियमों को जीवन का हिस्सा बनाकर ही समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हेलमेट लगाना, सीट बेल्ट पहनना, लाल बत्ती पर रुकना और वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग न करना जैसे बुनियादी नियमों का पालन हर नागरिक को करना चाहिए। तभी समाज में वास्तविक परिवर्तन संभव है।
उन्होंने मुख्य अभियंता (गुणवत्ता नियंत्रण) जसवंत खत्री और विभागीय टीम को इस उपलब्धि पर बधाई दी।
1500 करोड़ से सड़कों का पुनर्निर्माण
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश के बाद लगभग 1500 करोड़ रुपये की लागत से सड़कों के स्थायी पुनर्निर्माण (Permanent Restoration) के कार्य करवाए जाएंगे। नई सड़कें बनाने के साथ-साथ मौजूदा सड़कों की मरम्मत और दुरुस्ती सरकार की प्राथमिकता है।
“सड़क निर्माण पर नागरिक भी रहें जागरूक”
दिया कुमारी ने कहा कि सड़क निर्माण कार्यों में नागरिकों को भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीडब्ल्यूडी सेवा ऐप को आमजन की शिकायतों के लिए शीघ्र सार्वजनिक किया जाए। साथ ही अधिकारियों को सप्ताह में कम से कम दो दिन फील्ड में रहकर सड़कों की गुणवत्ता की जांच करने के भी निर्देश दिए।
महिला अभियंताओं के नेतृत्व में अभियान
मुख्य अभियंता (गुणवत्ता नियंत्रण) जसवंत खत्री के निर्देशन में यह अभियान 9 अगस्त से 15 सितम्बर तक चल रहा है। अभियान की कमान पीडब्ल्यूडी की 60 महिला अभियंताओं ने संभाल रखी है। इनके नेतृत्व में प्रदेशभर के सरकारी व निजी विद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्र-छात्राओं को सड़क सुरक्षा नियम, सावधानियाँ और निर्माण मानकों के बारे में प्रशिक्षित किया जा रहा है।
अभियान के तहत युवाओं को रियायती दर पर मात्र 300 रुपये में हेलमेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिनकी बाजार कीमत 1200 से 1500 रुपये तक होती है। अब तक लगभग 6,444 छात्र-छात्राओं को रियायती दर पर हेलमेट वितरित किए जा चुके हैं।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने छात्राओं को हेलमेट भी वितरित किए। कार्यक्रम में राजस्थान विश्वविद्यालय की कुलपति अल्पना कटेजा, शासन सचिव डी.आर. मेघवाल, मुख्य अभियंता टी.सी. गुप्ता, एनसीसी कैडेट्स, एनएसएस रोवर्स, महारानी, कनौडिया एवं खेतान पॉलिटेक्निक कॉलेज की छात्राएँ सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।