| रिपोर्ट गणपत चौहान छत्तीसगढ़
रायगढ़/बरौद कालरी: साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के चीफ ऑफ सिक्योरिटी, लेफ्टिनेंट विंग कमांडर दक्षिणा मूर्ति ने बीते शुक्रवार को रायगढ़ क्षेत्र का सघन दौरा किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की कोयला खदानों में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेना और अनुशासन के मानकों को और अधिक कड़ा करना था।
TSR कैंपों का बारीकी से निरीक्षण
दौरे के दौरान दक्षिणा मूर्ति ने रायगढ़ क्षेत्र की सभी प्रमुख खदानों में तैनात सुरक्षा बलों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने विशेष रूप से त्रिपुरा स्टेट राइफल्स (TSR) के छाल एवं बरौद स्थित कैंपों का विधिवत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जवानों के रहने की व्यवस्था, संसाधनों की उपलब्धता और सुरक्षा प्रोटोकॉल की कमान संभाली।
सुरक्षा और अनुशासन पर दिया जोर
बरौद ओसीएम स्थित टीएसआर कैंप में चर्चा करते हुए दक्षिणा मूर्ति ने स्पष्ट किया कि खदानों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जवानों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए सुरक्षा एवं कड़े अनुशासन को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कोयला संपदा की सुरक्षा के साथ-साथ कार्यस्थल पर सतर्कता बनाए रखना अनिवार्य है।
वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
निरीक्षण के दौरान सुरक्षा विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें शामिल थे:
- नरेंद्र देवबर्मा: असिस्टेंट कमांडेंट, त्रिपुरा स्टेट राइफल्स
- रमेश दास महंत: क्षेत्रीय सिक्योरिटी इंचार्ज, रायगढ़ क्षेत्र
- मुकेश कुमार मंडल: सिक्योरिटी इंचार्ज, जामपाली ओसीएम
- कल्याण सिन्हा: प्रभारी, टीएसआर बरौद कैंप
भविष्य की रणनीति और निर्देश
कैंपों के निरीक्षण के बाद दक्षिणा मूर्ति ने उपस्थित अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और अभेद्य बनाने के लिए विभिन्न तकनीकी और रणनीतिक विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने अधिकारियों को आगामी चुनौतियों से निपटने के लिए उचित दिशा-निर्देश जारी किए और चौकसी बढ़ाने की बात कही।

