सुप्रीम कोर्ट से पूर्व मंत्री महेश जोशी को राहत
7 महीने बाद जेल से रिहाई का रास्ता साफ, जल जीवन मिशन घोटाले में मिली जमानत
| रिपोर्ट हरि प्रसाद शर्मा पुष्कर
जयपुर। राजस्थान के पूर्व मंत्री महेश जोशी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। जल जीवन मिशन में कथित 900 करोड़ रुपए के घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 7 महीने से जयपुर सेंट्रल जेल में बंद जोशी को मंगलवार को जमानत मिल गई। सर्वोच्च न्यायालय की इस राहत के बाद उनकी जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो गया है।
ED ने अप्रैल में किया था गिरफ्तार — 7 महीनों से न्यायिक हिरासत में
महेश जोशी को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 24 अप्रैल 2025 को जल जीवन मिशन में कथित अनियमितताओं और फंड के दुरुपयोग के आरोपों के तहत गिरफ्तार किया था।
उनके खिलाफ आरोप था कि जल जीवन मिशन की परियोजनाओं में भारी मात्रा में भ्रष्टाचार हुआ और उससे जुड़े फंड की मनी लॉन्ड्रिंग की गई।
गिरफ्तारी के बाद से वे लगातार जयपुर सेंट्रल जेल में थे। पत्नी के निधन पर उन्हें कुछ दिनों की अंतरिम जमानत जरूर मिली, लेकिन उसके बाद वे फिर जेल में लौट गए थे।
हाईकोर्ट ने खारिज की थी जमानत याचिका, फिर पहुंचे सुप्रीम कोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने 26 अगस्त 2025 को उनकी जमानत याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि आरोप गंभीर हैं और जांच अभी जारी है।
इसके बाद जोशी ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दाखिल की थी।
सुप्रीम कोर्ट में लंबी सुनवाई के बाद 21 नवंबर 2025 को जमानत पर फैसला सुरक्षित रख लिया गया था। मंगलवार को आखिरकार उन्हें जमानत प्रदान कर दी गई।
जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ए.जी. मसीह की बेंच ने दिया आदेश
दो जजों की बेंच—
- जस्टिस दीपांकर दत्ता
- जस्टिस ए.जी. मसीह
ने मामले की पूरी सुनवाई के बाद जमानत मंजूर कर ली। कोर्ट ने जांच एजेंसी को निर्देश दिए कि जमानत शर्तों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
घोटाला और जांच— बड़ा राजनीतिक मामला
जल जीवन मिशन एक महत्वपूर्ण केंद्रीय योजना है, जिसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर पेयजल कनेक्शन उपलब्ध करवाए जाते हैं। राजस्थान में इस मिशन के तहत 900 करोड़ रुपए से अधिक राशि की अनियमितता का आरोप लगा था।
ED ने इस मामले में कई ठेकेदारों, अधिकारियों और राजनीतिक व्यक्तियों से पूछताछ की थी, जिसमें पूर्व मंत्री महेश जोशी की गिरफ्तारी सबसे प्रमुख कदम माना गया।
जमानत मिलने के बाद भी उनके ऊपर लगे आरोप समाप्त नहीं हुए हैं और जांच जारी रहेगी।
परिवार और समर्थकों में राहत, राजनीतिक हलकों में हलचल
जोशी की जमानत खबर सामने आते ही उनके परिवार और समर्थकों में खुशी और राहत का माहौल बन गया।
वहीं दूसरी ओर राजस्थान के राजनीतिक गलियारे में इसे लेकर हलचल तेज हो गई है।
महेश जोशी कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे हैं, और उनकी रिहाई को लेकर राजनीतिक समीकरणों पर असर पड़ने की अटकलें भी शुरू हो गई हैं।
सुप्रीम कोर्ट की जमानत के आदेश के बाद महेश जोशी अब जल्द ही जेल से बाहर आ जाएंगे। हालांकि मामला अभी भी जांच के अधीन है और आगामी दिनों में ED की कार्यवाही और कानूनी प्रक्रिया इस प्रकरण के भविष्य को तय करेगी।
यह राहत पूर्व मंत्री के लिए बड़ी कानूनी जीत मानी जा रही है, जबकि राजनीतिक दृष्टि से भी इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है।