सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मेनका गांधी ने जताई खुशी, कहा – “कुत्तों को उनकी जगह छोड़ना ही सही समाधान”
22 अगस्त 2025 | नई दिल्ली | रिपोर्ट : अवधेश बामल, संपादन : नरेश गुनानी (टेलीग्राफ टाइम्स)
आवारा कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश में किए गए संशोधन पर पशु अधिकार कार्यकर्ता मेनका गांधी ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने 11 अगस्त को अपने फैसले में दिल्ली-एनसीआर के सभी आवारा कुत्तों को शेल्टर होम्स में भेजने का निर्देश दिया था। इस फैसले पर पुनर्विचार करते हुए शुक्रवार को तीन जजों की एक बेंच ने संशोधन किया। अदालत ने कहा कि जिन कुत्तों को पकड़ा गया है, उन्हें उसी इलाके में वापस छोड़ा जाए, लेकिन जो कुत्ते रेबीज से ग्रस्त हैं या जिन पर रेबीज होने का संदेह है, उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा। ऐसे कुत्तों का नसबंदी व टीकाकरण किया जाएगा, मगर उन्हें समाज में वापस नहीं छोड़ा जाएगा।
इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए मेनका गांधी ने कहा – “सुप्रीम कोर्ट के फैसले से हम बहुत खुश हैं। अभी तक दिक्कत यह थी कि कुत्तों को उठाया जाता था, उनकी नसबंदी की जाती थी और उन्हें कहीं और छोड़ दिया जाता था। नसबंदी के बाद कुत्ता घबराया हुआ और दर्द में होता है, इसीलिए वह काटता है। अगर चाहते हैं कि वह काटना बंद करे तो उसे उसकी ही जगह पर वापस छोड़ें।”
गांधी ने स्पष्ट किया कि कुत्तों के व्यवहार में बदलाव के लिए यही सबसे उचित कदम है। पशु प्रेमियों और विशेषज्ञों का भी मानना है कि यह आदेश कुत्तों के अधिकारों की रक्षा के साथ-साथ इंसानों और जानवरों के बीच संतुलन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

