सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों पर विपक्ष ‘इंडिया’ गठबंधन की आपत्ति
राहुल गांधी के बयान को बताया राष्ट्रीय हित का मुद्दा
रिपोर्ट: टेलीग्राफ टाइम्स / अवधेश बामल नई दिल्ली
By : गौरव कोचर
टेलीग्राफ टाइम्स
अगस्त 06,2025
नई दिल्ली।
विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दलों ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर उच्चतम न्यायालय द्वारा की गई हालिया टिप्पणी को ‘अनुचित’ और ‘चिंताजनक’ करार दिया है। मंगलवार को संसद परिसर में विपक्षी दलों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें इस विषय पर गहन चर्चा की गई।
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यालय में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके, शिवसेना (उद्धव गुट), आरजेडी समेत कई दलों के नेता शामिल हुए। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने बताया कि सभी दल इस बात पर सहमत थे कि एक न्यायाधीश की असाधारण टिप्पणी राजनीतिक दलों के लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए अनुचित है।
गोगोई ने कहा, “देश के अहम मुद्दों को उठाना हमारा कर्तव्य है। सुप्रीम कोर्ट के जज का बयान राहुल गांधी के खिलाफ बेहद आश्चर्यजनक था।” कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी ने जो टिप्पणी की थी, वह हर राष्ट्रवादी भारतीय की सोच को दर्शाती है। जब हम सदन के अंदर या बाहर सवाल पूछते हैं तो सरकार जवाब नहीं देती। उल्टा हमें राष्ट्रविरोधी करार दिया जाता है, जबकि हम सच्चे भारतीय हैं जो सरकार से जवाब मांगते हैं।”
कांग्रेस का रुख साफ है कि राष्ट्रीय हित से जुड़े मुद्दों पर टिप्पणी करना न केवल विपक्ष बल्कि हर राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है। पार्टी का कहना है कि जब सरकार सीमाओं की रक्षा में विफल हो, तो उसे जवाबदेह ठहराना हर नागरिक का नैतिक दायित्व है।
गौरतलब है कि शीर्ष अदालत ने सोमवार को दिसंबर 2022 में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान सेना को लेकर राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयान पर लखनऊ की एक अदालत में चल रही कार्यवाही पर रोक लगा दी थी। हालांकि, अदालत ने राहुल के बयान पर नाखुशी जाहिर करते हुए कहा कि “अगर वह सच्चे भारतीय हैं, तो ऐसी बात नहीं कहेंगे।”
विपक्ष का कहना है कि इस तरह की टिप्पणियां लोकतांत्रिक विमर्श को कमजोर करती हैं और राष्ट्रीय हित के मुद्दों पर बोलने की आज़ादी पर सवाल खड़ा करती हैं।