नई दिल्ली, 3 जून | आर बी चतुर्वेदी
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए दुबई एयरोस्पेस एंटरप्राइज (DAE) लिमिटेड द्वारा मैक्वेरी एयरफाइनेंस लिमिटेड के अधिग्रहण प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। यह मंजूरी डीएई की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी ‘डीएई एरेकैम डेजिग्नेटिड एक्टिविटी कंपनी’ के माध्यम से दी गई है। इस रणनीतिक सौदे के बाद वैश्विक विमान पट्टे (Aviation Leasing) के बाजार में बड़े बदलाव की उम्मीद है।
निवेश और अधिग्रहण का स्वरूप
प्रतिस्पर्धा नियामक से मिली जानकारी के अनुसार, इस प्रस्तावित सौदे के तहत दुबई एयरोस्पेस एंटरप्राइज (DAE) लिमिटेड अपनी सहयोगी इकाई डीएई एरेकैम के जरिए मैक्वेरी एयरफाइनेंस लिमिटेड के मौजूदा शेयरधारकों से उनकी पूरी हिस्सेदारी खरीदेगी। आयोग ने दोनों पक्षों को सुनने और बाजार प्रतिस्पर्धा पर इसके प्रभावों का आकलन करने के बाद इस विलय को अपनी मंजूरी दी है।
विमान लीजिंग क्षेत्र की दो दिग्गज कंपनियां हैं आमने-सामने
इस अधिग्रहण के केंद्र में शामिल दोनों ही कंपनियां वैश्विक विमानन क्षेत्र में बड़ा नाम हैं:
- दुबई एयरोस्पेस एंटरप्राइज (DAE) लिमिटेड: दुबई मुख्यालय वाली यह कंपनी दुनिया की अग्रणी विमान पट्टेदार कंपनियों में से एक है। डीएई का वैश्विक नेटवर्क बेहद मजबूत है और यह वर्तमान में दुनिया के 80 से अधिक देशों में विमानन कंपनियों को अपनी सेवाएं दे रही है।
- मैक्वेरी एयरफाइनेंस लिमिटेड: डबलिन (आयरलैंड) में मुख्यालय वाली यह कंपनी भी वैश्विक स्तर पर विमान लीजिंग के कारोबार में सक्रिय है। मैक्वेरी एयरफाइनेंस मौजूदा समय में 45 से अधिक देशों में अपने विमानों को पट्टे पर देने का संचालन करती है।
बाजार पर प्रभाव और आगामी आदेश
विशेषज्ञों का मानना है कि इस अधिग्रहण के बाद दुबई एयरोस्पेस एंटरप्राइज (DAE) के विमानों के बेड़े (Fleet Size) और वैश्विक बाजार हिस्सेदारी में भारी इजाफा होगा, जिसका असर भारतीय विमानन बाजार पर भी देखने को मिल सकता है क्योंकि भारतीय एयरलाइंस भी बड़े पैमाने पर विदेशी लीजर्स से विमान किराए पर लेती हैं।
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने स्पष्ट किया है कि इस सौदे को बिना किसी प्रतिस्पर्धा-विरोधी चिंताओं के पास किया गया है। आयोग इस संबंध में अपना विस्तृत और अंतिम आदेश जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर जारी करेगा।