सीजीडी पोर्टल से बढ़ेगी पारदर्शिता और समयबद्धता, मॉनिटरिंग होगी सख्त
21 अगस्त 2025, जयपुर। टेलीग्राफ टाइम्स
राज्य में शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नेटवर्क को तेजी से विस्तार देने के लिए जल्द ही केंद्रीकृत वेब पोर्टल शुरू किया जाएगा। प्रमुख सचिव, खान एवं पेट्रोलियम टी. रविकान्त ने बताया कि इस पोर्टल पर राज्य में कार्यरत 13 सीजीडी संस्थाएं आवश्यक अनुमतियों के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगी और संबंधित संस्थाएं ऑनलाइन ही अनुमतियां जारी करेंगी। इस कदम से कार्य में एकरूपता, पारदर्शिता और तय समय में कार्रवाई सुनिश्चित होगी। साथ ही मॉनिटरिंग व्यवस्था और मजबूत होगी जिससे काम की रफ्तार भी बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री की पहल से बनी नई नीति
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पदभार संभालते ही सीजीडी नेटवर्क विस्तार को प्राथमिकता दी थी। पहले बजट में ही सवा लाख गैस कनेक्शन जारी करने की घोषणा की गई थी। इसके बाद राज्य सरकार ने धरातलीय बाधाओं को दूर करने और स्वच्छ, पर्यावरण अनुकूल ईंधन उपलब्ध कराने के लिए राजस्थान सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नीति, 2025 जारी की।
17 क्षेत्रों में लागू होगी सुविधा
टी. रविकान्त ने बताया कि राज्य के 17 जियोग्राफिकल एरिया में कार्यरत 13 सीजीडी संस्थाओं और उनके उपभोक्ताओं के लिए यह पोर्टल जल्द ही लांच होगा। ऑनलाइन आवेदन से संस्थाओं को स्थानीय निकायों से आवश्यक अनुमतियां समय पर मिल सकेंगी। मुख्य सचिव और प्रमुख शासन सचिव स्तर पर मॉनिटरिंग संभव होगी, वहीं जिला कलेक्टर स्थानीय स्तर पर इसकी निगरानी करेंगे। इससे आधारभूत संरचना विकसित करने में अनावश्यक देरी खत्म होगी और कार्य पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ेंगे।
स्वीकृतियों की प्रक्रिया बनेगी सरल
नई सीजीडी नीति से पाइपलाइन डालने की अनुमति, भूमि आवंटन और अन्य स्वीकृतियां समयबद्ध व सरल प्रक्रिया से मिलेंगी। स्थानीय निकायों को देय शुल्क में एकरूपता रहेगी। जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में स्थानीय समितियां और राज्य स्तर पर मुख्य सचिव की निगरानी से परियोजनाओं में आने वाली बाधाओं का त्वरित समाधान हो सकेगा।
कनेक्शन और सीएनजी स्टेशन की उपलब्धि
राजस्थान स्टेट गैस लिमिटेड (RSGL) के प्रबंध निदेशक रणवीर सिंह ने बताया कि पोर्टल का कार्य आरएसजीएल ने डिपार्टमेंट ऑफ आईटी एंड कम्युनिकेशन (DOIT) के सहयोग से शुरू कर दिया है। वर्तमान में राज्य में 632 सीएनजी स्टेशन और 4 लाख 36 हजार परिवारों को डीपीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराए जा चुके हैं।
गौरव कोचर, टेलीग्राफ टाइम्स

