जयपुर/ नरेश गुनानी/राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि राज्य सरकार अपराधियों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ और आमजन के प्रति संवेदनशीलता की नीति के साथ काम कर रही है। भय एवं अपराध मुक्त तथा सुरक्षित राजस्थान के निर्माण में नवचयनित कम्युनिटी लाइजनिंग ग्रुप (सीएलजी) सदस्यों की भूमिका निर्णायक साबित होगी। सीएलजी सदस्य पुलिस और आमजन के बीच विश्वास, संवाद और सहयोग का सबसे महत्वपूर्ण सेतु हैं।
मुख्यमंत्री बिड़ला सभागार में आयोजित नवचयनित सीएलजी सदस्यों के आमुखीकरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आह्वान किया कि सीएलजी सदस्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और सशक्त बनाने की दिशा में पूरी सजगता के साथ कार्य करें।
कानून-व्यवस्था में पुलिस और समाज की साझा भूमिका
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सीएलजी सदस्यों के उत्तरदायित्वों और प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए प्रमुख बिंदु सामने रखे:
- समस्याओं का समय पर निस्तारण: असामाजिक तत्वों, नशे के कारोबार, महिला एवं बाल सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और सामाजिक तनाव की आशंका से जुड़ी सूचनाएँ समय रहते पुलिस प्रशासन तक पहुँचाना बेहद आवश्यक है। एक छोटी सी सूचना भी किसी बड़ी आपराधिक घटना को रोक सकती है।
- सक्रियता और संवाद: सीएलजी की बैठकों को क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं पर चर्चा का प्रभावी माध्यम बनाया जाए। सदस्य व्यापारियों, युवाओं, महिलाओं, शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, वरिष्ठ नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखें।
- आपसी विवादों का निपटारा: सीएलजी सदस्य अपने विवेक और निष्पक्षता से स्थानीय स्तर के छोटे-छोटे विवादों को सुलझाने का प्रयास करें, ताकि पुलिस का समय और संसाधन गंभीर अपराधों की रोकथाम में लग सकें।
- नशे के खिलाफ जागरूकता: युवाओं को नशे के दंश से दूर रखने के लिए सामाजिक स्तर पर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने पर बल दिया गया।
वीसी के जरिए संवाद और जमीनी सुझाव
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने टोंक, बाड़मेर, धौलपुर, झालावाड़, डूंगरपुर और श्रीगंगानगर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए जुड़े सीएलजी सदस्यों से सीधे बात की। साथ ही, सभागार में उपस्थित विभिन्न जिलों के प्रतिनिधियों से भी कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर विचार-विमर्श किया। सीएलजी सदस्यों ने सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
राजस्थान में अपराधों में 16 प्रतिशत की आई कमी: गृह राज्य मंत्री
कार्यक्रम में उपस्थित गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा:
- मुख्यमंत्री के नेतृत्व में अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुँचाने के लिए सरकार निरंतर ठोस कदम उठा रही है।
- सरकार की सख्त नीतियों के परिणामस्वरूप राजस्थान में सभी प्रकार के अपराधों में 16 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
- सीएलजी सदस्यों के साथ मुख्यमंत्री का यह संवाद पुलिसिंग व्यवस्था को जन-केंद्रित बनाने की दिशा में एक नई पहल है।
75 हजार युवाओं और 22 हजार सुरक्षा सखियों को जोड़ा गया: पुलिस महानिदेशक
पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने कहा:
- पुलिस और जनता के बीच सुदृढ़ समन्वय ही एक सुरक्षित समाज की नींव है।
- आपराधिक गतिविधियों की रोकथाम के लिए राजस्थान पुलिस सीएलजी सदस्यों से नियमित संवाद कर रही है।
- इस पहल को और व्यापक बनाते हुए अब तक 75 हजार से अधिक युवाओं और 22 हजार से अधिक सुरक्षा सखियों को पुलिस तंत्र के साथ जोड़ा जा चुका है।
आमुखीकरण और तकनीकी प्रस्तुति (PPT)
समारोह के दौरान एक विशेष पीपीटी (PPT) प्रस्तुति के माध्यम से सीएलजी सदस्यों को उनके कर्तव्यों, अधिकारों, उत्तरदायित्वों तथा कार्यशैली के दौरान बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों के बारे में उदाहरणों सहित विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में गणमान्य जनों की उपस्थिति
इस अवसर पर संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव भास्कर ए. सावंत, महानिदेशक पुलिस (कानून एवं व्यवस्था) संजय कुमार अग्रवाल सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और 1,100 से अधिक सीएलजी सदस्य बिड़ला सभागार में उपस्थित रहे। इसके अलावा, प्रदेश के सभी ब्लॉकों से 5,000 से अधिक सीएलजी सदस्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।