जयपुर/ नरेश गुनानी/कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE), भारत सरकार द्वारा प्रायोजित ‘प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) 4.0’ के अंतर्गत सिपेट–कौशल एवं तकनीकी सहायता केन्द्र (CSTS), जयपुर में युवाओं के लिए निःशुल्क आवासीय अल्पकालीन कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारम्भ किया जा रहा है। इस विशेष पहल के माध्यम से कुल 275 युवक एवं युवतियों को “मशीन ऑपरेटर – प्लास्टिक्स प्रोसेसिंग” ट्रेड में उद्योगोन्मुख प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण में प्रवेश “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर दिया जाएगा।
प्रशिक्षण की मुख्य विशेषताएँ और पात्रता
- पाठ्यक्रम एवं अवधि: यह प्रशिक्षण NSQF (नेशनल स्किल्स क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क) स्तर 3.5 के अनुरूप होगा, जिसकी कुल अवधि 600 घंटे निर्धारित की गई है।
- तकनीकी दक्षता: प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को आधुनिक प्लास्टिक प्रोसेसिंग तकनीकों का व्यावहारिक एवं तकनीकी ज्ञान दिया जाएगा, जिससे वे उद्योगों की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप पूरी तरह दक्ष बन सकें।
- आयु सीमा: 18 से 45 वर्ष के युवक एवं युवतियाँ इस कार्यक्रम के लिए आवेदन कर सकते हैं।
- शैक्षणिक योग्यता:
- 11वीं उत्तीर्ण, अथवा
- 10वीं/समकक्ष के साथ निर्धारित अनुभव, अथवा
- 8वीं उत्तीर्ण अभ्यर्थी निर्धारित अनुभव के साथ पात्र होंगे।
आवश्यक दस्तावेज एवं आवेदन प्रक्रिया
इच्छुक अभ्यर्थियों को पंजीकरण के लिए सिपेट–सी.एस.टी.एस., जयपुर में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा। आवेदन के लिए निम्नलिखित दस्तावेज अनिवार्य हैं:
- आधार कार्ड
- शैक्षणिक अंकतालिकाएँ
- आय प्रमाण-पत्र
- जाति प्रमाण-पत्र (यदि लागू हो)
- मूल निवास प्रमाण-पत्र
- 4 नवीनतम रंगीन पासपोर्ट आकार के फोटो
युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम
इस अवसर पर सिपेट, जयपुर के प्रधान निदेशक एवं प्रमुख ने बताया कि भारत सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को रोजगारपरक कौशल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम विशेष रूप से प्लास्टिक एवं पेट्रोकेमिकल उद्योगों की व्यावहारिक माँगों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिससे प्रशिक्षण पूरा करने वाले युवाओं को विभिन्न उद्योगों में रोजगार तथा स्वरोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
सिपेट (CIPET): एक परिचय
केंद्रीय पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (सिपेट), भारत सरकार के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के रसायन एवं पेट्रो-रसायन विभाग के अधीन संचालित देश का एक अग्रणी संस्थान है।
- स्थापना व विस्तार: वर्ष 1968 में स्थापित सिपेट वर्तमान में देशभर में अपने 52 केंद्रों के माध्यम से शिक्षा, कौशल विकास, अनुसंधान, परीक्षण और तकनीकी सेवाएँ प्रदान कर रहा है।
- सिपेट, जयपुर: वर्ष 2006 में स्थापित यह केंद्र बी.टेक., डिप्लोमा तथा विभिन्न उच्चस्तरीय कौशल विकास कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक संचालन कर रहा है।