सिटी पैलेस में ‘शिल्प और शक्ति’ का उत्सव: 20 राज्यों की महिला कारीगरों ने बिखेरी अपनी कला की चमक
| योगेश शर्मा
जयपुर। गुलाबी नगरी के ऐतिहासिक सिटी पैलेस में प्रिंसेस दिया कुमारी फाउंडेशन (पीडीकेएफ) द्वारा आयोजित ‘पीडीकेएफ आर्टिजंस कलेक्टिव’ का दूसरा संस्करण सफलता की नई इबारत लिख रहा है। राजस्थान की उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने इस विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन किया और देशभर से आई महिला कारीगरों का उत्साहवर्धन किया।

यह आयोजन देश के 20 से अधिक राज्यों की 70 से अधिक महिला कारीगरों और उद्यमियों को एक साझा मंच प्रदान कर रहा है, जहाँ वे न केवल अपने शिल्प का प्रदर्शन कर रही हैं, बल्कि अपने उत्पादों के लिए एक नया बाजार भी तैयार कर रही हैं।
पर्यटन और सशक्तिकरण का मेल
अवलोकन के दौरान उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि यह फाउंडेशन की महिलाओं द्वारा की गई एक अत्यंत सराहनीय पहल है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जनवरी राजस्थान में पर्यटन का ‘पीक सीजन’ होता है, ऐसे में इस आयोजन से विदेशी और घरेलू पर्यटकों को भारत की विविधतापूर्ण हस्तकला को करीब से देखने का मौका मिल रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ भारतीय शिल्प को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाएगी।
चर्चा और कार्यशालाएं: शिल्प का भविष्य
कार्यक्रम के दौरान बौद्धिक और रचनात्मक सत्रों का भी आयोजन किया गया:
- द फ्यूचर ऑफ क्राफ्ट: इस सत्र में आईआईसीडी की निदेशक डॉ. तूलिका गुप्ता और प्रियंवदा गोलच्छा ने चर्चा की कि कैसे पारंपरिक शिल्प आधुनिक तकनीक और बदलती उपभोक्ता जरूरतों के साथ तालमेल बिठा सकते हैं।
- स्टाइलिंग वर्कशॉप: सुरभि शुक्ला ने हेरिटेज क्राफ्ट को आधुनिक फैशन और लाइफस्टाइल में इस्तेमाल करने के रचनात्मक तरीके सिखाए।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
- ए ट्रेज़र ऑफ टेल्स बियॉन्ड क्राफ्ट: तृप्ति पांडे और उनके दल ने स्टोरीटेलिंग और लाइव संगीत के माध्यम से कालीघाट चित्रकला, फुलकारी, मधुबनी और राजस्थान की फड़ परंपरा के पीछे की भावनात्मक कहानियों को जीवंत किया।
- संगीत की शाम: मशहूर गायिका लीसा मिश्रा और जोया भार्गव की प्रस्तुतियों ने माहौल को खुशनुमा बना दिया। बॉलीवुड गीतों और सुरीली धुनों पर दर्शक झूमते नजर आए।
नाइट बाज़ार और सीधा संवाद
प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण ‘नाइट बाज़ार’ रहा, जहाँ रोशनी और संगीत के बीच पर्यटकों ने जमकर खरीदारी की। आगंतुक केवल सामान ही नहीं खरीद रहे हैं, बल्कि स्टॉल संचालकों से उनकी कारीगरी की बारीकियों और सांस्कृतिक विरासत के बारे में भी जानकारी ले रहे हैं।
प्रमुख सहयोग और संकल्पना
इस आयोजन की संकल्पना जयपुर की प्रिंसेस गौरवी कुमारी ने की है। कार्यक्रम को एशियन एनर्जी सर्विसेज़, ऑयलमैक्स और सहज का सहयोग प्राप्त है। साथ ही द लीला, आईआईसीडी, स्टूडियो बेरो और जयपुर विरासत फाउंडेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थान इसके पार्टनर हैं।
समापन दिवस के आकर्षण
कलेक्टिव के अंतिम दिन कारीगरों के लिए मार्केटिंग और क्षमता निर्माण कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। साथ ही:
- पैनल चर्चा: प्रियंका खन्ना, रुत्वी चौधरी (जयपुर रग्स) और चिनार फारूकी (इंजीरी) शिल्प को सांस्कृतिक अभिलेख के रूप में प्रस्तुत करेंगे।
- युवा संवाद: मशहूर कंटेंट क्रिएटर प्राजक्ता कोली ‘यूथ एज एजेंट्स ऑफ चेंज’ विषय पर युवाओं से संवाद करेंगी।
