सिंधी समाज की तिरंगा रैली से आंदोलन को नई मजबूती, संघर्ष समिति को खुला समर्थन
खैरथल तिजारा, 19 सितम्बर। नरेश गुनानी। टेलीग्राफ टाइम्स।
जिले का नाम बदलकर ‘भर्तृहरि नगर’ करने और जिला मुख्यालय को स्थानांतरित करने के प्रस्ताव के खिलाफ चल रहा आंदोलन शुक्रवार को 42वें दिन भी पूरी ताकत के साथ जारी रहा। इसी क्रम में सिंधी समाज ने संघर्ष समिति को खुला समर्थन देते हुए भव्य तिरंगा रैली का आयोजन कर प्रशासन को दो टूक संदेश दिया कि जिला मुख्यालय और जिले का नाम किसी भी कीमत पर बदला नहीं जाएगा।
सुबह 11 बजे झूलतेलाल मंदिर से सैकड़ों लोग राष्ट्रीय ध्वज लेकर रैली के रूप में निकले। रैली रेलवे फाटक, मुख्य बाजार, पुरानी अनाज मंडी, विजय इंडस्ट्रीज रोड से होते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंची, जहां मुख्यमंत्री के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर शिवपाल जाट को ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में साफ लिखा गया कि जिला मुख्यालय को हटाने और नाम परिवर्तन का प्रस्ताव पूरी तरह जनविरोधी है और इसे तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।
रैली में शामिल नेताओं और वक्ताओं ने कहा कि यदि सरकार ने जनता की भावनाओं की अनदेखी की तो आंदोलन और उग्र रूप लेगा। उन्होंने चेताया कि जनता के आत्मसम्मान और पहचान से जुड़े इस मुद्दे पर कोई समझौता संभव नहीं है।
रैली का माहौल पूरी तरह देशभक्ति और आंदोलन के नारों से गूंज उठा। लोग “जिला बचाओ – नाम बचाओ” के उद्घोष के साथ आगे बढ़ते रहे। युवा, बुजुर्ग, महिलाएँ सभी वर्गों ने बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी निभाई।
रैली में प्रमुख उपस्थितियां—
- पूज्य सिंधी पंचायत खैरथल मुखी मनोहर लाल रोघा
- समाजसेवी लालचंद रोघा
- ओमप्रकाश रोघा
- मुखी वासुदेव दासवानी
- इस्माइलपुर मुखी लालचंद भगत
- मुंडावर मुखी चेलाराम रोघा
- मुखी दिनेश आर्य
- पंकज रोघा
सहित सिंधी समाज के अनेक गणमान्य नागरिक शामिल हुए।
इसके अलावा विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी आंदोलन को समर्थन दिया।
राजनीतिक हस्तियां भी रहीं शामिल—
किशनगढ़ बास विधायक दीपक खेरिया, गिरीश डाटा, सरवेश गुप्ता, विक्की चौधरी, शिवचरण गुप्त, महेश खंडेलवाल सहित अनेक राजनीतिक एवं सामाजिक नेताओं ने संघर्ष समिति को खुला समर्थन और सहयोग का आश्वासन दिया।