साहित्य और पत्रकारिता का संगम: राज्यपाल और विधानसभा अध्यक्ष ने किया गोपाल शर्मा की पुस्तक ‘मेरी मुलाकातें’ का विमोचन
जयपुर | 10 जनवरी, 2026
| लोकेंद्र सिंह शेखावत
राजभवन के प्रांगण में आयोजित एक भव्य और गरिमामय समारोह में शनिवार को राज्यपाल हरिभाऊ बागडे और विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने वरिष्ठ पत्रकार एवं विधायक गोपाल शर्मा द्वारा लिखित पुस्तक ‘मेरी मुलाकातें’ का विमोचन किया। इस अवसर पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली से ऑनलाइन जुड़कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई और पुस्तक को बौद्धिक जगत के लिए एक अनमोल उपहार बताया।

साक्षात्कार: इतिहास को सहेजने वाली विधा
विमोचन के पश्चात सभा को संबोधित करते हुए राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि पत्रकारिता में साक्षात्कार (इंटरव्यू) की विधा केवल सूचनाओं का आदान-प्रदान नहीं है, बल्कि यह समय का एक जीवंत दस्तावेज है। उन्होंने गोपाल शर्मा के लेखन की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस पुस्तक में पत्रकारिता के उच्च आदर्शों के साथ-साथ साहित्य की कोमल संवेदनाओं का अद्भुत मिश्रण देखने को मिलता है।
राज्यपाल ने रेखांकित किया कि:
- एक सफल साक्षात्कार वही है जिसमें साक्षात्कारकर्ता और उत्तरदाता, दोनों ही विषय की गहरी समझ और सामयिक संदर्भों का ज्ञान रखते हों।
- यह संकलन केवल पत्रकारों के लिए ही नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले महान व्यक्तित्वों के जीवन को करीब से समझने वाले जिज्ञासु पाठकों के लिए भी एक मार्गदर्शिका है।
- पत्रकारिता लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में समाज और राष्ट्र की जड़ों को मजबूती प्रदान करती है।
संवाद की महत्ता और अटल जी की स्मृतियाँ
समारोह के दौरान राज्यपाल ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के साथ बिताए अपने अनुभवों और उनसे जुड़ी स्मृतियों को भी साझा किया। उन्होंने वर्तमान दौर की पत्रकारिता में संवाद की निरंतरता और स्वस्थ मूल्यों को बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय पत्रकारिता की परंपरा सदैव आदर्शों से प्रेरित रही है और इसे अक्षुण्ण रखना हम सभी का सामूहिक दायित्व है।
डिजिटल सहभागिता और विशेष प्रदर्शनी
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कहा कि गोपाल शर्मा ने अपने लंबे पत्रकारिता करियर के दौरान देश की महत्वपूर्ण शख्सियतों से जो संवाद किए, उनका एक पुस्तक के रूप में आना ऐतिहासिक है। कार्यक्रम के प्रारंभ में राज्यपाल ने पुस्तक के प्रमुख अंशों और साक्षात्कारों पर आधारित एक विशेष चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
प्रबुद्ध वर्ग की गरिमामय उपस्थिति
समारोह में राजस्थान के वरिष्ठ राजनेता, जाने-माने साहित्यकार, प्रबुद्ध नागरिक और पत्रकारिता जगत की दिग्गज हस्तियां उपस्थित रहीं। उपस्थित विद्वानों ने एकमत से माना कि गोपाल शर्मा की यह कृति आने वाली पीढ़ी के युवा पत्रकारों के लिए एक प्रशिक्षण दस्तावेज (Manual) की तरह कार्य करेगी।

