साहित्यिक समागम: दिल्ली से रायगढ़ पहुँचे ‘मंजिल ग्रुप’ के CEO;

वरिष्ठ साहित्यकार भरत नायक ‘बाबूजी’ का उनके गृहग्राम में भव्य सम्मान

| रिपोर्ट गणपत चौहान छत्तीसगढ़

रायगढ़: मंजिल ग्रुप ऑफ साहित्य मंच (मगसम) दिल्ली एवं भरत साहित्य मंडल लोहरसिंह के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित वार्षिक सम्मेलन इस वर्ष अत्यंत गरिमापूर्ण और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम की विशिष्टता यह रही कि मगसम के वरिष्ठ अधिकारी और सी.ई.ओ. सुधीर सिंह ‘सुधाकर’ स्वयं दिल्ली से चलकर रायगढ़ के वरिष्ठ साहित्यकार एवं समीक्षक आदरणीय भरत नायक ‘बाबूजी’ के गृह ग्राम पहुँचे।

सात विशेष सम्मानों से नवाजे गए ‘बाबूजी’

​साहित्य के प्रति समर्पित भरत नायक ‘बाबूजी’ के योगदान को रेखांकित करते हुए सुधीर सिंह सुधाकर ने उन्हें उनके निवास पर सात विशेष राष्ट्रीय सम्मानों से अलंकृत किया। इसके साथ ही अंचल के अन्य सक्रिय साहित्यकारों को भी उनके उत्कृष्ट सृजन के लिए सम्मानित किया गया। ‘सुधाकर’ जी ने इस अवसर पर कहा कि साहित्यकारों का सम्मान करना समाज की बौद्धिक विरासत को सुरक्षित करना है।

वरिष्ठ रचनाकारों की गरिमामय उपस्थिति

​भव्य साहित्यिक कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ के प्रथम अंग्रेजी उपन्यासकार डॉ. वासुदेव यादव ने की। मुख्य अतिथि के रूप में सुधीर सिंह सुधाकर उपस्थित रहे। अति विशिष्ट अतिथि के रूप में छायावाद के विशेषज्ञ डॉ. मीन केतन प्रधान (संपादक: छायावाद के सौ वर्ष और मुकुटधर पाण्डेय शोध ग्रंथ) एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में निर्भय राम मंच पर आसीन रहे।

​कार्यक्रम का शुभारंभ श्री राम कुमार पटेल (नंदेली) द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना और श्रीमती प्रधान द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मंच का कुशल संचालन नेतराम राठिया ने किया।

काव्य पाठ और वैचारिक विमर्श

​सम्मेलन के दौरान ‘साहित्य की वर्तमान दिशा और युवा पीढ़ी की भूमिका’ पर गंभीर चर्चा हुई। देश भर से आए राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कवियों ने काव्य पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। छायावादी और समकालीन रचनाओं की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए।

प्रमुख सहभागिता:

इस आयोजन में डॉ. मीन केतन प्रधान, रामकुमार पटेल ‘शांत’, श्रीकांत चैनी, सुधीर सिंह सुधाकर, भरत नायक ‘बाबूजी’, निर्भय राम गुप्ता, डॉ. वासुदेव यादव, सूर्य कुमार पंडा, राम कुमार पटेल, आनंद त्रिवेदी ‘आनंद’, गुलाब कँवर ‘गुलाब’, जयंत कुमार कल्चुरी, नेतराम राठिया, अनुपम कुमार, संतोष सिदार, संग्राम सिंह राठिया, रंग मोहन साहू, सत्यानंद गुप्ता और रामेश्वर नायक जैसे प्रबुद्ध रचनाकारों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

साहित्यिक चेतना का विस्तार ही मुख्य उद्देश्य

​मंच ने नवोदित रचनाकारों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का भरपूर अवसर प्रदान किया। अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. वासुदेव यादव ने साहित्य को समाज का दर्पण बताते हुए इसके नैतिक दायित्वों पर बल दिया। अंत में यह संकल्प लिया गया कि आने वाले वर्षों में मंच और अधिक सृजनात्मक गतिविधियाँ आयोजित कर साहित्य को जन-जन तक पहुँचाएगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

औद्योगिक विकास को रफ्तार: रीको देगा राजस्थान वित्त निगम को 50 करोड़ रुपये का सहयोग

नरेश गुनानी  ​जयपुर | 18 अप्रैल, 2026 ​राजस्थान के औद्योगिक ढांचे...

शक्ति और ज्ञान का उपयोग सदैव लोककल्याण के लिए हो: वासुदेव देवनानी

नरेश गुनानी  ​जयपुर | 18 अप्रैल, 2026 ​राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष...

विधायी मसौदा स्पष्ट और सरल हो, ताकि जनता की इच्छाएं प्रतिबिंबित हों: देवनानी

नरेश गुनानी  ​जयपुर | 18 अप्रैल, 2026 ​राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष...