किशनगढ़ बास (खैरथल-तिजारा)/ नरेश गुनानी/पवित्र सावन मास और आगामी कांवड़ यात्रा की तैयारियों के बीच धार्मिक आस्था की रक्षा एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने को लेकर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कड़ा रुख अपनाया है। सोमवार को संगठनों के पदाधिकारियों ने जिला कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपकर सावन मास के दौरान जिले भर में मांसाहारी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर तुरंत अस्थायी प्रतिबंध लगाने और सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने की मांग की।
खुले में मांस-मछली की बिक्री पर रोक की मांग
सौंपे गए ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि सावन माह सनातन धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस पूरे माह में करोड़ों श्रद्धालु भगवान शिव की विशेष आराधना करते हैं, व्रत रखते हैं तथा दूर-दराज के क्षेत्रों से कांवड़ में जल लाकर विभिन्न शिवालयों में जलाभिषेक करते हैं।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि:
- कांवड़ मार्गों, प्रमुख मंदिरों, राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों की ढाणियों के आसपास खुलेआम मांस, मछली, अंडा और बिरयानी बेचे जाने से श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं।
- ऐसे दृश्यों और गंध से कांवड़ियों व सामान्य श्रद्धालुओं की यात्रा में व्यवधान उत्पन्न होता है।
- इसलिए प्रशासन को जनभावनाओं और धार्मिक पवित्रता का सम्मान करते हुए सावन माह के दौरान ऐसे सभी प्रतिष्ठानों और ठेलों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना चाहिए।
कांवड़ यात्रा मार्गों पर कड़ी सुरक्षा और पुलिस गश्त की मांग
धार्मिक पवित्रता के साथ-साथ ज्ञापन में कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी गहरी चिंता व्यक्त की गई। बजरंग दल ने मांग की है कि:
- सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो: कांवड़ यात्रा के मुख्य मार्गों और प्रमुख शिव मंदिरों के आसपास पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती की जाए।
- पुलिस गश्त बढ़े: असामाजिक तत्वों और माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले लोगों पर पैनी नज़र रखने के लिए दिन-रात पुलिस गश्त बढ़ाई जाए।
- सख्त कार्रवाई: किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या उपद्रव फैलाने की मंशा रखने वाले असमाजिक तत्वों के खिलाफ कठोर कानूनी कदम उठाए जाएं।
मांगें न मानने पर विरोध करेंगे
ज्ञापन के माध्यम से बजरंग दल के पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने समय रहते इस विषय को गंभीरता से नहीं लिया और उचित कदम नहीं उठाए, तो संगठन के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर इसका विरोध करेंगे। इसके कारण यदि क्षेत्र में किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था से जुड़ी स्थिति उत्पन्न होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी।
ज्ञापन सौंपते समय प्रमुख कार्यकर्ता रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस मौके पर मुख्य रूप से वीरेंद्र चौधरी, नरेश मगनानी, कन्हैया लाल, अनिल सैनी, चिराग वशिष्ठ, यशपाल आचार्य, देशपाल यादव तथा डॉ. ग्यासीराम गुप्ता सहित कई अन्य शिवभक्त एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।