सावन के तीसरे सोमवार पर दूधेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धा का सैलाब, ॐ नमः शिवाय के जाप से गूंजा वातावरण

सावन के तीसरे सोमवार पर दूधेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धा का सैलाब, ॐ नमः शिवाय के जाप से गूंजा वातावरण
नारायण गिरि महाराज बोले— इस दिन मंत्रोच्चार से मिलता है अकल्पनीय फल

By : नरेश गुनानी
टेलीग्राफ टाइम्स
जुलाई 28,2025

(हरिप्रसाद शर्मा, गाजियाबाद)
सावन के पवित्र महीने में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व होता है, और इसका सबसे प्रभावशाली रूप सावन के तीसरे सोमवार को देखने को मिला जब गाजियाबाद स्थित सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धा और भक्ति के इस महासागर में भक्तों ने ॐ नमः शिवाय का जाप करते हुए भगवान दूधेश्वर नाथ का जलाभिषेक किया।

शनिवार की रात्रि से ही भक्तों का आना प्रारंभ हो गया था, और रविवार रात 10 बजे से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। भक्तों के उत्साह और भीड़ को देखते हुए मंदिर के पीठाधीश्वर श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने स्वयं सबसे पहले भगवान का पूजन-अभिषेक कर शिव आराधना की शुरुआत की।

रात्रि 1 बजे मंदिर के कपाट भक्तों के लिए खोल दिए गए, जिसके साथ ही मंदिर परिसर और आसपास का पूरा क्षेत्र “हर हर महादेव” और “ॐ नमः शिवाय” के जयघोष से गूंज उठा। प्रातः 3 बजे भगवान का भव्य श्रृंगार किया गया और दिल्ली के प्राचीन देवी मंदिर, द्वारकापुरी, दिल्ली गेट के महंत गिरिशानंद गिरि महाराज द्वारा धूप और दीप आरती संपन्न की गई।

भगवान को 56 भोग अर्पित किए गए, जिसके बाद पुनः जलाभिषेक का क्रम प्रारंभ हुआ। इस दौरान श्रद्धालुओं को दर्शन और पूजन के लिए घंटों लंबी कतारों में खड़े रहना पड़ा, लेकिन किसी के चेहरे पर थकान नहीं, बल्कि केवल भक्ति और आनंद का भाव देखने को मिला।

मंदिर के मीडिया प्रभारी एस. आर. सुथार ने जानकारी दी कि प्रशासनिक व्यवस्था में जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम ने विशेष सहयोग दिया, जिसकी स्वयं श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने सराहना की।

❝ॐ नमः शिवाय मंत्र से जीवन में आता है सुख-शांति – श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज❞

इस अवसर पर श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि सावन का प्रत्येक सोमवार भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष होता है, लेकिन तीसरे सोमवार को इसका फल कई गुना अधिक माना जाता है। उन्होंने कहा,

“इस दिन ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप अकल्पनीय फल देता है। यह कालसर्प दोष, पितृदोष और अन्य ग्रहदोषों को दूर करता है तथा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है।”

उन्होंने यह भी कहा कि यह दुर्लभ अवसर भगवान शिव की कृपा पाने का सर्वोत्तम समय होता है, और इस दिन की गई शिव उपासना जीवन को सकारात्मक दिशा में ले जाती है।

सावन में शिवभक्ति का अगला पड़ाव

श्रद्धालुओं के लिए अब अगला आकर्षण चौथा सोमवार है, जहां मंदिर प्रशासन ने भक्तों के लिए विशेष आयोजन की योजना बनाई है। सुरक्षा, सुविधा और शुद्धता के सभी पहलुओं पर विशेष ध्यान देते हुए सेवाभाव से कार्य किया जाएगा।

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