सावधान! राजस्थान में और तेज होगी बारिश
मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी
03 सितंबर 2025। सुनील शर्मा।टेलीग्राफ टाइम्स
जयपुर। (हरिप्रसाद शर्मा) राजस्थान में भारी बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। बुधवार सुबह राजधानी जयपुर में हुई मूसलाधार बरसात ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। सड़कों पर जलभराव से शहर की सड़कें नदी की तरह बहने लगीं। कोटा-झालावाड़ के बीच दरा घाटी में दिल्ली-मुंबई रेल ट्रैक पर पहाड़ से मलबा और पत्थर गिरने से रेलवे यातायात प्रभावित हो गया। कोटा जिले में देर रात से हो रही लगातार भारी बारिश ने हालात और बिगाड़ दिए हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र तीव्र होकर वेल मार्क लो प्रेशर में बदल गया है। आगामी 24 घंटों में यह सिस्टम उड़ीसा और मध्यप्रदेश की ओर बढ़ने की संभावना है। इसके असर से अगले 3-4 दिनों तक राजस्थान के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
- कोटा, उदयपुर, भरतपुर, अजमेर और जयपुर संभाग के कुछ भागों में मध्यम से भारी तथा कहीं-कहीं अति भारी बारिश हो सकती है।
- जोधपुर और बीकानेर संभाग में 5 सितंबर से बारिश की गतिविधियां तेज होंगी।
- जोधपुर संभाग में 5 से 7 सितंबर के बीच कई स्थानों पर भारी और अति भारी बारिश होने की संभावना है।
जयपुर में हालात
राजधानी जयपुर में करीब दो घंटे तक हुई तेज बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। गलता जी के पीछे फंसे 15-20 लोगों को रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं, जयपुर के सबसे बड़े अस्पताल एसएमएस हॉस्पिटल में पानी घुस जाने से मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर की कई प्रमुख सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया, जिससे यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ।
दरा घाटी में भूस्खलन
कोटा मंडल के दरा अभ्यारण क्षेत्र में भारी बारिश से पहाड़ से मलबा और चट्टानें रेलवे पटरी पर गिर गईं। इस कारण दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर यातायात बाधित हो गया। घटना के बाद दरा स्टेशन, रावता रोड, आलनिया, ढाढदेवी, कोटा, मोड़क, रामगंजमंडी और झालावाड़ रोड स्टेशनों पर कई ट्रेनें खड़ी रहीं।
रेलवे अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर ट्रैक से मलबा हटाने का काम शुरू किया। कुछ घंटों की मशक्कत के बाद ट्रैक को फिर से चालू किया गया।
सड़क मार्ग पर जाम
दरा घाटी क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 52 पर बने रेलवे स्टील ब्रिज के नीचे नाले में उफान आ गया। इससे सड़क मार्ग पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात घंटों प्रभावित रहा।