सामुदायिक पुलिसिंग को सुदृढ़ करने हेतु ब्रह्मपुरी थाने में एनजीओ व जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक, महिला सुरक्षा व साइबर जागरूकता पर दिया गया ज़ोर

जयपुर/ गौरव कोचर/पुलिस महानिदेशक / महानिरीक्षक सम्मेलन-2024 की अनुशंसाओं के क्रम में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में जनहित, पुलिस की छवि सुधार और व्यावसायिक क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से अगस्त माह में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में जयपुर पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल के निर्देशों पर पुलिस थाना ब्रह्मपुरी (जयपुर उत्तर) परिसर में स्थानीय एनजीओ एवं जनप्रतिनिधियों के साथ सामुदायिक पुलिसिंग के सुदृढ़ संचालन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया।

​थानाधिकारी के नेतृत्व में हुई बैठक

​कार्यक्रम का शुभारंभ और नेतृत्व ब्रह्मपुरी थानाधिकारी द्वारा किया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाना, कानून के प्रति सम्मान जगाना और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को विकसित करना रहा।

उपस्थित पुलिस अधिकारी/टीम: करन शर्मा (आईपीएस, पुलिस उपायुक्त जयपुर उत्तर), हेमंत जनागल (पुलिस निरीक्षक व थानाधिकारी ब्रह्मपुरी)।

 

​थानों की कार्यप्रणाली और प्रक्रियाओं से कराया अवगत

​बैठक के दौरान सामुदायिक पुलिसिंग के सदस्यों को पुलिस स्टेशन की आंतरिक कार्यप्रणाली से व्यावहारिक रूप से रूबरू कराया गया। इसमें मुख्य रूप से:

  • प्रशासनिक प्रक्रियाएं: एफआईआर (FIR) दर्ज करने की प्रक्रिया, सीसीटीएनएस (CCTNS) प्रणाली का संचालन, मालखाना प्रबंधन और महिला सहायता कक्ष की कार्यशैली की जानकारी दी गई।
  • शिकायत निस्तारण: शिकायतों के त्वरित और पारदर्शी निस्तारण के तरीकों पर प्रकाश डाला गया।
  • पुलिस बल की कार्यशैली: सदस्यों को पुलिस बल के अनुशासन, सेवा भावना, समयबद्ध कार्यशैली और जनसेवा के प्रति समर्पण से अवगत कराया गया।

​महिला सुरक्षा, साइबर क्राइम व सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता

​बैठक में उपस्थित गणमान्य नागरिकों, एनजीओ प्रतिनिधियों और जनप्रतिनिधियों को विभिन्न सामाजिक और कानूनी विषयों पर विस्तार से जागरूक किया गया:

  • महिला एवं बाल सुरक्षा: महिलाओं और बालिकाओं से संबंधित अपराधों, उनके कानूनी अधिकारों, पोक्सो कानून, मानव तस्करी, बालश्रम और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई।
  • साइबर अपराध व बचाव: लगातार बढ़ते साइबर फ्रॉड से बचने के उपाय और सतर्कता बरतने के तरीकों के बारे में बताया गया।
  • नशामुक्ति व यातायात नियम: मादक पदार्थों (ड्रग्स) के सेवन से होने वाले दुष्परिणामों पर चर्चा की गई तथा यातायात नियमों के अनिवार्य पालन का संदेश दिया गया।

​जनसहयोग से मजबूत होगी सुरक्षा व्यवस्था

​बैठक के समापन पर पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में आम नागरिकों और सामुदायिक पुलिसिंग के सदस्यों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। पुलिस और जनता के आपसी सहयोग से ही अपराध मुक्त और सुरक्षित वातावरण का निर्माण संभव है।

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