सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में कैडर पुनर्गठन प्रक्रिया तेज: कोटा संभाग में सृजित होगा संस्थापन अधिकारी का पद
जयपुर, 20 फरवरी 2026
| नरेश गुनानी
राजस्थान विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने विभाग के सुदृढ़ीकरण को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि विभाग में वर्तमान में कैडर पुनर्गठन (Cadre Restructuring) की प्रक्रिया चल रही है, जिससे प्रशासनिक कार्यों में दक्षता आएगी।
कोटा संभाग को मिलेगी प्राथमिकता
विधायक संदीप शर्मा द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए मंत्री ने आश्वस्त किया कि कोटा संभाग की जनसंख्या और बढ़ते कार्यभार को देखते हुए वहां संस्थापन अधिकारी (Establishment Officer) का पद सृजित किया जाएगा।
कैडर पुनर्गठन के तीन चरण: अब तक की प्रगति
विभाग में पदों के युक्तिकरण और पदोन्नति के अवसरों को बढ़ाने के लिए पुनर्गठन की प्रक्रिया को विभिन्न चरणों में बांटा गया है:
- प्रथम चरण: 10 नवंबर 2025 को शुरू हुआ। सक्षम स्तर पर निर्णय के बाद 7 जनवरी 2026 को वित्त विभाग से इस पर सहमति प्राप्त हो चुकी है।
- द्वितीय चरण: स्वीकृत पदों का गैर-अनुसूचित (Non-TSP) और अनुसूचित क्षेत्र (TSP) के अनुसार विभाजन कर दिया गया है, जिससे कर्मियों को पदोन्नति के अवसर मिले हैं।
- तृतीय चरण (प्रक्रियाधीन): मंत्रालयिक संवर्ग के कुल 650 पदों (586 गैर-अनुसूचित और 64 अनुसूचित क्षेत्र) का बजट मद और स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर विभाजन किया जा रहा है।
वर्तमान पद संरचना और जयपुर की स्थिति
मंत्री ने बताया कि वर्तमान में विभाग में संस्थापन अधिकारी के कुल 10 पद स्वीकृत हैं:
- 06 पद: निदेशालय स्तर पर।
- 02 पद: जयपुर की विशाल जनसंख्या (शहरी 34.71 लाख और ग्रामीण 31.54 लाख) को देखते हुए जयपुर शहर और जयपुर ग्रामीण के लिए एक-एक पद सृजित किया गया है।
- आगामी योजना: अन्य संभाग स्तरीय संयुक्त निदेशक कार्यालयों में भी आवश्यकतानुसार संस्थापन अधिकारी के पद सृजित किए जा सकते हैं।
पेंशन लाभार्थियों का डेटा: कोटा संभाग
कोटा संभाग (बारां, बूंदी, झालावाड़ और कोटा) में सरकारी योजनाओं की पहुंच पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने निम्नलिखित आंकड़े साझा किए:
|
विवरण |
संख्या |
|---|---|
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कुल पेंशन लाभार्थी |
7,66,903 |
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वार्षिक भौतिक सत्यापन पूर्ण |
7,18,267 |
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शेष सत्यापन (शीघ्र पूर्ण होगा) |
48,636 |
विभाग का लक्ष्य है कि प्रशासनिक ढांचे में सुधार कर अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ बिना किसी देरी के पहुँचाया जाए।
