सात गुना ज्यादा ताकतवर — कश्मीरी लहसुन बना सेहत का सुपरफूड

सात गुना ज्यादा ताकतवर — कश्मीरी लहसुन बना सेहत का सुपरफूड

सर्दियों में प्रतिरक्षा शक्ति बढ़ाने और बीमारियों से बचाव के लिए वरदान साबित हो रहा ‘एक पोथी लहसुन’

नरेश गुनानी | टेलीग्राफ टाइम्स | किशनगढ़ बास, 10 नवंबर 2025।
सर्दियों के मौसम में सेहत को दुरुस्त रखने के लिए आयुर्वेदिक उपचारों की अहमियत एक बार फिर बढ़ गई है। किशनगढ़ बास अस्पताल की आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. कुसुम लता यादव ने हमारे संवाददाता से बातचीत में बताया कि इन दिनों आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा जगत में कश्मीरी या हिमालयन लहसुन, जिसे एक पोथी लहसुन भी कहा जाता है, तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। यह सामान्य लहसुन की तुलना में लगभग सात गुना ज्यादा ताकतवर माना जाता है और शरीर के लिए एक संपूर्ण “सुपरफूड” की तरह कार्य करता है।

फ़ोटो टेलीग्राफ टाइम्स

डॉ. यादव के अनुसार, यह लहसुन आकार में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके औषधीय गुण अत्यंत प्रभावशाली हैं। इसमें मौजूद एलिसिन (Allicin) नामक रसायन इसे तीखापन देने के साथ-साथ शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली, पाचन क्रिया और हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है।

🌿 प्राचीन परंपरा से आधुनिक चिकित्सा तक

डॉ. कुसुम लता यादव ने बताया कि प्राचीन काल में हिमालय के पर्वतारोही ऊंचे इलाकों में चढ़ाई के दौरान अपनी ऊर्जा और ऑक्सीजन क्षमता बनाए रखने के लिए कश्मीरी लहसुन का सेवन करते थे। आज आधुनिक विज्ञान भी इसके फायदों को प्रमाणित कर चुका है, यही कारण है कि यह अब पूरी दुनिया में एक “नेचुरल हेल्थ बूस्टर” के रूप में लोकप्रिय हो गया है।

🌱 कश्मीरी लहसुन के प्रमुख स्वास्थ्य लाभ

1. पाचन शक्ति में वृद्धि:
गैस, कब्ज और अपच जैसी समस्याओं से राहत देता है तथा पाचन को मजबूत बनाता है।

2. इम्युनिटी बूस्टर:
सर्दी, खांसी और संक्रमण से शरीर की रक्षा करता है। सर्द मौसम में यह प्राकृतिक प्रतिरक्षा कवच का कार्य करता है।

3. हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद:
कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित कर हृदय रोगों के खतरे को कम करता है।

4. एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर:
यह शरीर को ऑक्सीडेटिव क्षति से बचाता है और बुढ़ापे की प्रक्रिया को धीमा करता है।

5. थायराइड और कैंसर से सुरक्षा:
इसके सक्रिय तत्व कोशिकाओं की रक्षा करते हैं और असामान्य वृद्धि को रोकने में मददगार माने जाते हैं।

6. प्राकृतिक डिटॉक्स एजेंट:
यह शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालकर शुद्धिकरण में सहायक होता है।

डॉ. यादव ने बताया कि कश्मीरी लहसुन का सेवन सीमित मात्रा में और विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही करना चाहिए। नियमित रूप से इसका सेवन ऊर्जा स्तर, पाचन, प्रतिरक्षा और हृदय कार्यप्रणाली को सुदृढ़ बनाता है।

उन्होंने कहा कि “प्रकृति ने हमें सेहतमंद रहने के जो साधन दिए हैं, उनमें से कश्मीरी लहसुन एक अमूल्य वरदान है। यह न केवल रोगों से बचाव करता है बल्कि शरीर में नई स्फूर्ति और संतुलन भी लाता है।”

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