विद्यार्थियों से जुड़े परिवादों के संवेदनशील एवं प्राथमिकता से त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश
जयपुर, 20 अगस्त 2026 | नरेश गुनानी
साक्षरता एवं सतत् शिक्षा विभाग के निदेशक महेन्द्र कुमार खींची ने गुरुवार को राजस्थान संपर्क 181 हेल्पलाइन केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षा विभाग से संबंधित परिवादों की वर्तमान स्थिति, पोर्टल पर उनकी श्रेणीवार प्रविष्टि, शिकायतों के निस्तारण की गति तथा लंबित प्रकरणों की बिंदुवार विस्तृत समीक्षा की।
शिक्षा विभाग से संबंधित शिकायतों का श्रेणीवार विश्लेषण
निरीक्षण के दौरान निदेशक महेन्द्र कुमार खींची ने शिक्षा विभाग के अधीन दर्ज सभी श्रेणियों के परिवादों का गहन विश्लेषण किया। उन्होंने शिकायतों की प्रकृति, विभागीय स्तर और समाधान की गुणवत्ता की पड़ताल करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक परिवाद का प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए।
सक्षम स्तर पर त्वरित प्रेषण और समयबद्ध समाधान
निदेशक ने स्पष्ट किया कि पोर्टल पर दर्ज शिकायतों को उनकी प्रकृति एवं विषय के अनुरूप बिना किसी देरी के सक्षम स्तर पर प्रेषित किया जाए, जिससे अनावश्यक विलंब से बचा जा सके और परिवादियों को तय समय-सीमा में राहत मिले। इसके साथ ही उन्होंने मामलों की नियमित मॉनिटरिंग और समाधान की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया।
सही री-कैटेगराइजेशन से सुनिश्चित हो सटीक समाधान
प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए उन्होंने निर्देश दिए कि यदि कोई परिवाद गलत श्रेणी में दर्ज हो गया है, तो उसका तुरंत री-कैटेगराइजेशन (पुनः श्रेणीकरण) किया जाए। इससे शिकायत सीधे संबंधित अधिकारी तक पहुंचेगी और प्रकरण का त्वरित व उचित निस्तारण हो सकेगा।
विद्यार्थियों के मुद्दों को सर्वोच्च प्राथमिकता
महेन्द्र कुमार खींची ने विशेष निर्देश दिए कि विद्यार्थियों से जुड़ी शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता और संवेदनशीलता के साथ हल किया जाए ताकि उन्हें तुरंत राहत मिल सके। निरीक्षण के दौरान बालिका सैनिक स्कूल से जुड़े प्रकरणों की विशेष समीक्षा की गई और उनके समाधान की प्रक्रिया पर चर्चा हुई।
निरीक्षण के दौरान निदेशक ने केंद्र में कार्यरत कार्मिकों से संवाद कर पोर्टल की कार्यप्रणाली समझी तथा कुछ परिवादियों से सीधे बात कर उनकी समस्याओं को सुना और त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। इस अवसर पर शिक्षा विभाग की प्रोग्रामर अंजू गांधी सहित राजस्थान संपर्क पोर्टल के अन्य अधिकारी व कार्मिक उपस्थित रहे।