साइबर स्लेवरी का बढ़ता खतरा, राजस्थान पुलिस का गंभीर अलर्ट
By : गौरव कोचर
टेलीग्राफ टाइम्स
अगस्त 01,2025
राजस्थान पुलिस ने हाल ही में एक बेहद खतरनाक और नए तरह के साइबर अपराध के बारे में चेतावनी जारी की है। पुलिस का कहना है कि तकनीकी ज्ञान और शिक्षा से लैस युवा, विदेश में आकर्षक नौकरी के लालच में फंसकर ‘साइबर स्लेवरी’ यानी साइबर गुलामी का शिकार हो रहे हैं।
कैसे फंस रहे हैं युवा?
जयपुर के एसपी साइबर क्राइम शान्तनु कुमार सिंह के अनुसार, साइबर अपराधी गिरोह युवाओं को लाओस, म्यांमार और कंबोडिया जैसे दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों में आईटी सेक्टर की अच्छी नौकरी का झांसा देते हैं।
- नौकरी के प्रस्ताव सुनने में बेहद लुभावने होते हैं — उच्च वेतन, विदेशी माहौल और बेहतर भविष्य का वादा।
- जैसे ही युवा इन देशों में पहुँचते हैं, उनके पासपोर्ट और पहचान पत्र छीन लिए जाते हैं।
- इसके बाद उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से बंधक बनाकर जबरन साइबर अपराध करवाया जाता है।
- खास तौर पर, इनसे भारतीय नागरिकों को ठगने और ऑनलाइन धोखाधड़ी करने के लिए मजबूर किया जाता है।
क्यों खतरनाक है यह ट्रेंड?
पुलिस के मुताबिक यह पूरा रैकेट संगठित आपराधिक गिरोहों द्वारा चलाया जाता है, जो विदेश में बंधक बनाए गए युवाओं से काम करवाकर करोड़ों रुपये की ठगी करते हैं। पीड़ित ना सिर्फ मानसिक और शारीरिक यातना झेलते हैं, बल्कि वे अनजाने में गंभीर आपराधिक मामलों में भी फंस जाते हैं।
राजस्थान पुलिस की चेतावनी और सलाह
राजस्थान पुलिस ने राज्य के नागरिकों से अपील की है कि वे विदेश में नौकरी के किसी भी प्रस्ताव को स्वीकार करने से पहले सावधानी बरतें।
पुलिस ने कुछ अहम सुझाव दिए हैं—
- केवल विदेश मंत्रालय (MEA) में पंजीकृत भर्ती एजेंटों द्वारा दी गई नौकरियों के लिए ही आवेदन करें।
- किसी भी अवैध या अपंजीकृत एजेंट द्वारा दिए गए नौकरी के ऑफर पर भरोसा न करें।
- ऑफर की पूरी तरह से जांच-पड़ताल करने के बाद ही विदेश जाने का फैसला लें।

