जयपुर/ गौरव कोचर/मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को ‘साइबर सुरक्षा अभियान’ के पोस्टर का विमोचन किया। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजन की आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों से नागरिकों को बचाने के लिए प्रदेश सरकार पूरी सख्ती के साथ कदम उठा रही है।
डिजिटल क्रांति के बीच साइबर अपराध नई चुनौती
पोस्टर विमोचन के अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय डिजिटल क्रांति का युग है। तकनीक ने एक ओर जहाँ आम इंसान के जीवन को सरल और सुविधाजनक बनाया है, वहीं दूसरी ओर साइबर अपराध के रूप में नई चुनौतियाँ भी खड़ी की हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में साइबर अपराधियों की पहचान करने, उनकी गिरफ्तारी और उनके नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाए जा रहे हैं।
R4C सेंटर और ऑपरेशन एंटीवायरस से कसा जा रहा शिकंजा
राज्य सरकार साइबर ठगी पर लगाम लगाने के लिए कई तकनीकी नवाचार अपना रही है:
- राजस्थान साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (R4C): इसके माध्यम से साइबर अपराध की रोकथाम, त्वरित अनुसंधान, तकनीकी समन्वय और विभिन्न जाँच एजेंसियों के बीच रियल-टाइम सूचना साझा करने के लिए एक अत्याधुनिक मंच तैयार किया जा रहा है।
- साइबर हेल्पलाइन 1930: पीड़ितों की सहायता के लिए 1930 हेल्पलाइन को अधिक प्रभावी बनाया गया है।
- ऑपरेशन एंटीवायरस: इस अभियान के जरिए साइबर अपराधियों के ठिकानों पर त्वरित कार्रवाई कर पीड़ितों को राहत पहुँचाई जा रही है।
मुख्यमंत्री की प्रदेशवासियों से अपील: सतर्क रहें, सुरक्षित रहें
मुख्यमंत्री ने नागरिकों को डिजिटल ठगी से बचने के लिए सावधानियाँ बरतने का आग्रह किया:
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- किसी भी अज्ञात या संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।
- अपना OTP, बैंक विवरण या पासवर्ड कभी किसी से साझा न करें।
- किसी भी संदिग्ध कॉल, लॉटरी, जॉब ऑफर या संदेश के झांसे में न आएँ।
”यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है, तो वह बिना समय गँवाए तत्काल हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करे या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराए। सुरक्षित नागरिक, सुरक्षित डिजिटल व्यवस्था और सुरक्षित राजस्थान ही हमारा संकल्प है।”
— भजनलाल शर्मा, मुख्यमंत्री