सांभर झील में कल सजेगा पक्षियों का संसार: बर्ड फेस्टिवल में तकनीक और परंपरा का होगा अनूठा संगम
जयपुर | 26 फरवरी, 2026
| गौरव कोचर
विश्व प्रसिद्ध खारे पानी की झील और अद्वितीय वेटलैंड पारिस्थितिकी के लिए विख्यात सांभर झील एक बार फिर देश-दुनिया के पक्षी प्रेमियों और पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार है। वन विभाग द्वारा 27 फरवरी को सांभर झील के कोच्या की ढाणी स्थित इंटरप्रिटेशन सेंटर परिसर में भव्य ‘सांभर बर्ड फेस्टिवल’ का आयोजन किया जाएगा।
महोत्सव का उद्देश्य: संरक्षण और जागरूकता
इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य सांभर झील की समृद्ध जैव विविधता और यहां प्रतिवर्ष आने वाले हजारों प्रवासी पक्षियों के महत्व के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना है। वन विभाग इस आयोजन के माध्यम से नई पीढ़ी को प्रकृति और पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) से जोड़ने का प्रयास कर रहा है।
तकनीक से होगा पक्षी अवलोकन (Bird Watching)
महोत्सव में आधुनिक उपकरणों के माध्यम से आगंतुकों को एक विशेष अनुभव प्रदान किया जाएगा:
- हाई-टेक उपकरण: दूरबीन, स्पॉटिंग स्कोप और ड्रोन की सहायता से पक्षियों को करीब से देखने का अवसर मिलेगा।
- डिजिटल प्लेटफॉर्म: पक्षी अवलोकन के डेटा को अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जोड़ने के लिए eBird ऐप के उपयोग की जानकारी दी जाएगी।
- फोटो प्रदर्शनी: क्षेत्र की दुर्लभ पक्षी प्रजातियों और उनके जीवन चक्र पर आधारित एक आकर्षक प्रदर्शनी लगाई जाएगी।
परंपरा और स्वास्थ्य जागरूकता
महोत्सव में केवल पक्षी ही नहीं, बल्कि स्थानीय विरासत की भी झलक मिलेगी:
- नमक उत्पादन का डेमो: झील में नमक बनाने की पारंपरिक प्रक्रिया का सजीव प्रदर्शन (Live Demo) किया जाएगा।
- एवियन बोटुलिज़्म पर स्टॉल: पक्षियों में होने वाली बीमारियों (जैसे बोटुलिज़्म) से बचाव और उनके उपचार के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष स्टॉल स्थापित किए जाएंगे।
विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रतियोगिताएं
नई पीढ़ी की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए स्कूली बच्चों के बीच कई रोमांचक कार्यक्रम आयोजित होंगे:
- प्रतियोगिताएं: बर्ड क्विज, पेंटिंग और जागरूकता संबंधी स्पर्धाएं।
- सम्मान: विजेताओं को कार्यक्रम के समापन पर पुरस्कृत किया जाएगा।
- वेटलैंड मित्र पंजीकरण: आमजन को झील संरक्षण गतिविधियों से स्थायी रूप से जोड़ने के लिए ‘वेटलैंड मित्र’ पंजीकरण अभियान भी चलाया जाएगा।
आमजन से अपील
वन विभाग ने समस्त शोधार्थियों, विद्यार्थियों और प्रकृति प्रेमियों से अपील की है कि वे 27 फरवरी को कोच्या की ढाणी पहुंचकर इस महोत्सव का हिस्सा बनें। इस तरह के आयोजनों से न केवल स्थानीय पर्यटन को गति मिलेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को भी मजबूती मिलेगी।
