‘सहकार से समृद्धि’ की संकल्पना को साकार कर रही राज्य सरकार — ‘सहकार सदस्यता अभियान’ से सहकारिता का नेटवर्क हुआ मजबूत
नरेश गुनानी •
जयपुर, 1 नवंबर 2025।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार ‘सहकार से समृद्धि’ की संकल्पना को धरातल पर उतारते हुए देश के अग्रणी राज्यों में शुमार हो गई है। राज्य में सहकारिता के नेटवर्क को ग्राम स्तर तक मजबूत बनाने और अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में अक्टूबर माह में आयोजित ‘सहकार सदस्यता अभियान’ राज्य में सहकार आंदोलन को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है।
अभियान से मिले उल्लेखनीय परिणाम
यह अभियान प्रारंभिक रूप से 2 से 15 अक्टूबर तक चलाया गया था, जिसे उत्कृष्ट परिणामों के बाद 22 अक्टूबर तक बढ़ाया गया। राज्यभर में लगभग 8,500 पैक्स स्तर पर शिविरों का सफल आयोजन किया गया, जिनमें युवाओं और महिलाओं को सहकारिता से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया।
अभियान के दौरान 8.90 लाख से अधिक नए सदस्य बनाए गए, जो निर्धारित 7.34 लाख लक्ष्य से लगभग 21.25 प्रतिशत अधिक हैं।
संभागवार उपलब्धियां
- जयपुर संभाग: 1.25 लाख लक्ष्य के मुकाबले 2.03 लाख नए सदस्य
- उदयपुर संभाग: 1.01 लाख लक्ष्य के मुकाबले 1.30 लाख सदस्य
- अजमेर संभाग: 1.15 लाख लक्ष्य के मुकाबले 1.22 लाख सदस्य
- बीकानेर संभाग: 99 हजार लक्ष्य के मुकाबले 1.19 लाख सदस्य
- कोटा संभाग: 53 हजार लक्ष्य के मुकाबले लगभग 68 हजार सदस्य
- भरतपुर संभाग: 74 हजार लक्ष्य के मुकाबले लगभग 95 हजार सदस्य
- जोधपुर संभाग: 1.53 लाख नए सदस्य
पैक्स गठन और भूमि चिन्हीकरण की प्रगति
अभियान अवधि में पैक्सविहीन ग्राम पंचायतों में नई समितियों के गठन के लिए सर्वे कार्य किया गया।
- 1,706 ग्राम पंचायतों में सर्वे पूर्ण
- 1,296 पैक्स हेतु जिला स्तरीय समिति की बैठकें आयोजित
- 1,275 पैक्स गठन के प्रस्ताव विभाग को प्राप्त
- 1,342 सहकारी समितियों में गोदाम निर्माण हेतु भूमि चिन्हित
- 1,215 समितियों द्वारा भूमि आवंटन के लिए आवेदन प्रस्तुत
कृषकों के हित में उल्लेखनीय कार्य
अभियान के अंतर्गत पीएम किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े लंबित आवेदनों में प्रगति दर्ज की गई —
- 38,850 कृषकों की आधार सीडिंग पूर्ण
- 27,640 कृषकों की ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी
साथ ही 11 लाख से अधिक लोगों को प्रस्तावित नवीन सहकारी कानून के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी गई।
सहकार आंदोलन को नई दिशा
अभियान के माध्यम से बड़ी संख्या में युवाओं और महिलाओं के सहकारी समितियों से जुड़ने से राज्य में सहकारिता का नेटवर्क और अधिक सशक्त हुआ है। इससे जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच जमीनी स्तर तक सुनिश्चित होगी।
पैक्सविहीन ग्राम पंचायतों में नई पैक्स की स्थापना से ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारिता का विस्तार होगा, जिससे किसानों और ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा। भूमिहीन समितियों को भूमि आवंटन होने के बाद गोदाम निर्माण से राज्य की भंडारण क्षमता में वृद्धि होगी। वहीं आधार सीडिंग और ई-केवाईसी पूर्ण होने से किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ निर्बाध रूप से प्राप्त हो सकेगा।
राज्य सरकार अभियान के बाद भी इन कार्यों की सतत समीक्षा और फॉलो-अप कर रही है, ताकि ‘सहकार से समृद्धि’ का उद्देश्य पूर्ण रूप से साकार हो सके।