सहकारिता से सशक्त होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था: राजस्थान एम-पैक्स गठन और बीज सहकारी समिति सदस्यता में देश में अव्वल

नई दिल्ली/जयपुर / नरेश गुनानी/ ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से सहकारिता क्षेत्र में बड़े स्तर पर नवाचार और सुधार किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं के अंतर्गत कॉमन सर्विस सेंटर, प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र, किसान उत्पादक संगठन (FPO) और जन औषधि केंद्र जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं अब देश के ग्रामीण इलाकों तक प्रभावी रूप से पहुंच रही हैं।

​राजस्थान ने हासिल किया देश में पहला स्थान

​प्रत्येक पंचायत में सहकारी समिति गठन करने की केंद्र सरकार की योजना के तहत राजस्थान ने देश में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है:

  • ​नई समितियां: राजस्थान में अब तक 5 हजार 279 नई बहुउद्देशीय सहकारी समितियों का गठन किया जा चुका है।
  • ​एम-पैक्स (M-PACS) में शीर्ष: इनमें से 1 हजार 977 एम-पैक्स का गठन कर राजस्थान पूरे देश में पहले पायदान पर पहुंच गया है।
  • ​बीज सहकारिता में नेतृत्व: भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड की सदस्यता दिलाने के मामले में भी राजस्थान ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया है।

​दुग्ध उत्पादन और ग्रामीण विकास पर जोर

​केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी एवं पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि सहकारिता की मजबूती ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का मुख्य आधार है। केंद्र सरकार के सकारात्मक और निरंतर प्रयासों का ही परिणाम है कि आज भारत दुग्ध उत्पादन में वैश्विक स्तर पर प्रथम स्थान पर है।

​इसके साथ ही, सहकारी समितियों द्वारा संकलित किए जाने वाले दूध की गुणवत्ता में गुणात्मक सुधार आया है, जिससे सीधे तौर पर किसानों और पशुपालकों की आय में वृद्धि दर्ज की गई है।

​सहकारिता क्षेत्र में बड़े नवाचार और डिजिटल शुरुआत

​सहकार आंदोलन को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए और पोर्टल लॉन्च किए गए:

​1. डिजिटल रूपांतरण और बुनियादी ढांचा

  • ​50 हजार पैक्स (PACS) का ई-पैक्स में रूपांतरण किया गया।
  • ​अन्न भंडारण योजना के तहत 135 गोदामों का हस्तांतरण, 85 गोदामों का लोकार्पण और 47 गोदामों का शिलान्यास संपन्न हुआ।
  • ​भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड की टिश्यू कल्चर सुविधाओं का ई-भूमि पूजन किया गया।

​2. नए ऐप्स और डिजिटल पोर्टल की शुरुआत

  • ​राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस पोर्टल 3.0 और जियो टैग मोबाइल ऐप को लॉन्च किया गया।
  • ​एनडीडीबी (NDDB) के दूध सप्लाई समीक्षा डैशबोर्ड पोर्टल की शुरुआत की गई।

​3. नए संगठनों का उद्घाटन एवं विमोचन

  • ​को-ऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स ऑर्गनाइजेशन मल्टी स्टेट लिमिटेड और गोमय सहकारी समिति मल्टी स्टेट लिमिटेड का विधिवत उद्घाटन हुआ।
  • ​सहकारिता पर आधारित एक भव्य प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।
  • ​डेयरी सहकारी समितियों के लिए आदर्श उप-विधियों तथा सहकारिता मंत्रालय की 5 वर्ष की उपलब्धियों पर आधारित पुस्तकों का विमोचन किया गया।

​समारोह में प्रमुख गरिमामयी उपस्थिति

​इस उच्च स्तरीय समारोह में केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर, केंद्रीय सहकारिता और नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल, सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार, और मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास मौजूद रहे। इसके साथ ही केंद्रीय सहकारिता एवं कृषि मंत्रालय के उच्च अधिकारी और देश भर से बड़ी संख्या में सहकारी संस्थाओं से जुड़े प्रतिनिधि भी इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बने।

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