सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक ने अपेक्स बैंक में परिंडा बांधकर किया शुभारंभ; सहकारी कार्यालयों में आने वाले नागरिकों के लिए भी छाया-पानी के पुख्ता इंतजाम
प्रीति बालानी
जयपुर, 20 मई। भीषण गर्मी के इस दौर में बेजुबान पशु-पक्षियों को राहत देने के लिए सहकारिता विभाग ने एक बड़ी और संवेदनशील पहल की है। सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक की प्रेरणा से प्रदेश भर में ‘परिंडा बांधो अभियान’ की शुरुआत की गई है। बुधवार को सहकारिता मंत्री ने राजस्थान राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक) परिसर में स्वयं परिंडा बांधकर इस पुनीत अभियान का विधिवत शुभारंभ किया।

इस अभियान के तहत सहकारिता विभाग के सभी कार्यालयों, शीर्ष व केंद्रीय सहकारी संस्थाओं, सहकारी बैंक शाखाओं, क्रय-विक्रय सहकारी समितियों (KVSS) तथा ग्राम सेवा सहकारी समितियों (PACS) के परिसरों, भवनों की छतों, पेड़ों की शाखाओं और सुरक्षित छायादार स्थानों पर मिट्टी के परिंडे व जल पात्र लगाए जाएंगे। इसके साथ ही पक्षियों के लिए नियमित चुग्गे (दाने) की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
जन-आंदोलन बनेगा अभियान, अधिकारियों ने सचिवालय और नेहरू सहकार भवन में बांधे परिंडे
अभियान को गति देते हुए सहकारिता विभाग के शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार (सहकारी समितियां) डॉ. समित शर्मा ने बुधवार को शासन सचिवालय और नेहरू सहकार भवन में विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ परिंडे बांधे।
शासन सचिव ने कहा कि सहकारिता विभाग अपने विस्तृत नेटवर्क के माध्यम से इस अभियान को एक जन-आंदोलन का रूप देगा। उन्होंने इसके सफल संचालन के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं:
- लगाए गए परिंडों और जल पात्रों की प्रतिदिन नियमित रूप से सफाई की जाए।
- परिंडों में रोज स्वच्छ पेयजल भरा जाए और पानी को प्रतिदिन बदला जाए, ताकि पानी दूषित न हो और मच्छरों या जलजनित बीमारियों का खतरा न रहे।
- चुग्गा पात्रों में भी नियमित रूप से दाना डालने की व्यवस्था की जाए।
किसानों, पशुपालकों और आमजन से जुड़ने की अपील
विभाग ने जनप्रतिनिधियों, भामाशाहों, स्वयंसेवी संस्थाओं (NGOs) तथा आमजन से इस पुण्य कार्य में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया है। अभियान के तहत सहकारी समितियों से जुड़े लाखों किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण नागरिकों को अपने घरों, खेतों तथा सार्वजनिक स्थलों पर परिंडे बांधने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इस अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए सोशल मीडिया, स्थानीय मीडिया और जनसंपर्क माध्यमों का सहारा लिया जाएगा।
शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने याद दिलाया कि भारतीय संविधान के अनुसार प्राकृतिक पर्यावरण और जीव-जंतुओं का संरक्षण हर नागरिक का मूल कर्तव्य है। राजस्थान की संस्कृति भी जीव-दया और करुणा की सीख देती है। यह अभियान समाज में संवेदनशीलता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
सहकारी कार्यालयों में आने वाले आगंतुकों के लिए भी छाया-पानी की उत्तम व्यवस्था
भीषण गर्मी को देखते हुए शासन सचिव ने विभाग के अधीन संचालित सभी सहकारी समितियों और कार्यालयों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वहां आने वाले किसानों, उपभोक्ताओं और आमजन को कोई असुविधा न हो। इसके लिए निम्नलिखित व्यवस्थाएं अनिवार्य रूप से करने को कहा गया है:
- कार्यालयों और समिति परिसरों में स्वच्छ एवं शीतल पेयजल (ठंडा पानी) का समुचित बंदोबस्त हो।
- प्रत्येक कार्यालय परिसर में छायादार विश्राम स्थल और बैठने के लिए पर्याप्त कुर्सियों/सुविधाओं की व्यवस्था की जाए।
- गर्मी से राहत देने के लिए आवश्यक इंतजाम (जैसे पंखे, कूलर आदि) सुनिश्चित किए जाएं।
उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से मानवीय संवेदनाओं को सर्वोपरि रखते हुए आमजन को राहत पहुंचाने में सक्रिय योगदान देने की अपेक्षा की है।