जयपुर/ सुनील शर्मा/मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि महिलाएं समाज का अभिन्न हिस्सा ही नहीं, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र निर्माण का आधार हैं। महिलाओं का सम्मान और सशक्तीकरण ही किसी सभ्य समाज की मुख्य पहचान है। हमारी संस्कृति में हमेशा से नारी शक्ति का सम्मान रहा है और जहां नारियों की पूजा होती है, वहां देवताओं का निवास माना गया है।
मुख्यमंत्री शनिवार को जयपुर स्थित यूनिवर्सिटी कॉमर्स कॉलेज में आयोजित ‘नारी शक्ति सम्मेलन एवं संवाद कार्यक्रम’ को संबोधित कर रहे थे।
ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासतों का स्मरण
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शक्ति, ज्ञान और समृद्धि की प्रतीक के रूप में मां दुर्गा, मां सरस्वती और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। भारत का इतिहास महिलाओं के साहस, वीरता, त्याग और बलिदान की गाथाओं से समृद्ध है।
- ऐतिहासिक व्यक्तित्व: उन्होंने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के प्रशासनिक कौशल, रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान और सावित्रीबाई फुले द्वारा महिला शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए योगदान को याद किया।
- राजस्थान की वीरांगनाएं: मुख्यमंत्री ने राजस्थान की भक्ति और बलिदान की परंपरा का उल्लेख करते हुए मीराबाई की कृष्ण-भक्ति, पन्नाधाय के त्याग, हाड़ी रानी के साहस, वीर बाला कालीबाई की गुरुभक्ति और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्राण न्योछावर करने वाली अमृता देवी के योगदान को नमन किया।
केंद्र सरकार की पहल और योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बीते 12 वर्षों में महिला सशक्तीकरण की दिशा में नई सोच और संकल्प के साथ अनेक कदम उठाए हैं।
- प्रमुख योजनाएं: बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन, मुद्रा योजना, लखपति दीदी योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जैसी पहलों ने महिलाओं के जीवन को सुगम और आत्मनिर्भर बनाया है।
- राजनीतिक प्रतिनिधित्व: महिलाओं को सशक्त नेतृत्व का अवसर देने के लिए ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ जैसी ऐतिहासिक पहल की गई है।
राज्य सरकार की उपलब्धियां एवं कल्याणकारी कदम
प्रदेश में महिलाओं के कल्याण के लिए उठाए गए प्रमुख कदमों का विवरण:
- वित्तीय एवं स्वास्थ्य सहायता: प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की राशि 5 हजार रुपये से बढ़ाकर 6 हजार 500 रुपये की गई है। ‘मा वाउचर योजना’ के तहत सोनोग्राफी के लिए 5.74 लाख कूपन जारी किए गए हैं। पात्र परिवारों को 450 रुपये में रसोई गैस सिलेंडर दिया जा रहा है।
- शिक्षा एवं बालिका प्रोत्साहन: बालिका शिक्षा को गति देने के लिए 13.85 लाख साइकिलों तथा ‘कालीबाई उच्च शिक्षा स्कूटी योजना’ एवं ‘देवनारायण छात्रा स्कूटी योजना’ के तहत लगभग 46 हजार स्कूटियों का वितरण किया गया है।
- लाडो प्रोत्साहन योजना: गरीब परिवारों को बालिकाओं के जन्म पर 1.5 लाख रुपये का सेविंग बॉण्ड दिया जा रहा है।
- सामाजिक सुरक्षा: मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान पेंशन योजना के तहत करीब 19 लाख पेंशनर्स को 8,866 करोड़ रुपये की पेंशन राशि वितरित की जा चुकी है।
- मानदेय में वृद्धि: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, शिशु पालना गृह कार्यकर्ताओं और साथिनों के मानदेय में पिछले तीन वर्षों में प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
- स्वास्थ्य एवं स्वच्छता: राज्य की 1 करोड़ 22 लाख महिलाओं एवं बालिकाओं को हर माह 12 सैनेटरी नैपकिन निशुल्क दिए जा रहे हैं।
- आजीविका एवं कौशल विकास: लखपति दीदी योजना के तहत 26 लाख से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण देकर लगभग 20 लाख महिलाओं को लखपति दीदी की श्रेणी में लाया जा चुका है।
कार्यक्रम की प्रमुख सौगातें एवं वित्तीय हस्तांतरण
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान विभिन्न योजनाओं के तहत लाभार्थियों को सीधी वित्तीय सहायता एवं सौगातें प्रदान कीं:
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योजना / मद |
प्रदान की गई सौगात / राशि |
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संसाधन एवं वाहन |
60 एनएचएम एम्बुलेंस, 9 आर्टिकुलेटिंग वाटर टावर और 185 ऑटो टिपर को हरी झंडी दिखाई गई। |
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लखपति दीदी प्रोत्साहन |
लखपति दीदियों को स्कूटी की चाबियां सौंपी गईं। |
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पीएम आवास योजना (ग्रामीण) |
लाभार्थियों को मकानों की चाबियां दी गईं एवं 27 हजार से अधिक लाभार्थियों को 150 करोड़ रुपये से अधिक डीबीटी किए गए। |
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मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना |
29,222 लाभार्थियों को 8.79 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित। |
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मुख्यमंत्री लखपति दीदी ऋण योजना |
राजस्थान महिला निधि के तहत 3,274 लखपति दीदियों को 25 करोड़ रुपये का ऋण वितरण। |
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वित्तीय समावेशन (SHG) |
2,823 स्वयं सहायता समूहों को 93 करोड़ रुपये का ऋण एवं प्रतीकात्मक चेक प्रदान किए गए। |
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आजीविका संवर्धन |
3,300 स्वयं सहायता समूहों को 25 करोड़ रुपये की आजीविका संवर्धन राशि दी गई। |
संवाद एवं उपस्थिति
मुख्यमंत्री ने राजीविका की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और लाभार्थी महिलाओं से संवाद कर योजनाओं के प्रभाव की जानकारी ली।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेम चन्द बैरवा, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज राज्य मंत्री ओटाराम देवासी, सांसद मंजू शर्मा, विधायक गोपाल शर्मा, महेंद्रपाल मीणा, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी तथा संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल एवं सभी जिलों की महिलाएं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़ीं।