सवाई माधोपुर बना सौर ऊर्जा अभियान का सहभागी
पीएम-कुसुम योजना से ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम, कोलाड़ा व रामसिंहपुरा में 2.94 मेगावाट के सौर संयंत्र स्थापित
गौरव कोचर •
जयपुर, 27 अक्टूबर 2025।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी ऊर्जा नीति और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में देश का सिरमौर बन गया है। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत राज्य में सौर ऊर्जा उत्पादन नई ऊँचाइयाँ छू रहा है, जिसमें सवाई माधोपुर जिला भी इस अभियान में प्रमुख भूमिका निभा रहा है।
जिले के बौंली उपखंड के कोलाड़ा 33/11 केवी सब-स्टेशन क्षेत्र में हाल ही में 1.82 मेगावाट क्षमता का सौर संयंत्र स्थापित किया गया है। यह राज्य का 956वां सौर संयंत्र है, जिससे जिले की सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वहीं रामसिंहपुरा 33/11 केवी सब-स्टेशन क्षेत्र में 1.12 मेगावाट क्षमता का विकेन्द्रित सौर संयंत्र प्रारंभ किया गया है। दोनों संयंत्रों की कुल 2.94 मेगावाट क्षमता से 250 से अधिक कृषक परिवारों को दिन के समय सिंचाई हेतु सौर ऊर्जा आधारित बिजली उपलब्ध होगी।
राजस्थान ने पीएम-कुसुम योजना के कंपोनेंट-ए और कंपोनेंट-सी के अंतर्गत अब तक 2,000 मेगावाट से अधिक विकेन्द्रित सौर संयंत्र स्थापित कर नई मिसाल कायम की है। इसमें राजस्थान कंपोनेंट-ए में देश में प्रथम और कंपोनेंट-सी में महाराष्ट्र व गुजरात के बाद तीसरे स्थान पर है।
सवाई माधोपुर में कुसुम योजना के तहत अब तक 3 मेगावाट क्षमता के संयंत्र चालू हैं, जबकि 3.67 मेगावाट क्षमता के संयंत्रों पर कार्य प्रगति पर है। जिले के सारसोप (1.42 मेगावाट) और कोलाड़ा (2.25 मेगावाट) में संयंत्र स्थापना कार्य अंतिम चरण में है।
किसानों को सौर ऊर्जा से नई ऊर्जा
प्रधानमंत्री कुसुम योजना किसानों के लिए आत्मनिर्भरता की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है। इस योजना से किसान अब बिजली और डीजल निर्भरता से मुक्त होकर दिन में सौर ऊर्जा से सिंचाई कर रहे हैं। इससे उत्पादन लागत घटी है और अतिरिक्त आय का मार्ग खुला है।
ऊर्जा विभाग और विद्युत वितरण निगमों द्वारा योजना का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है। केंद्र सरकार ने राजस्थान की उत्कृष्ट प्रगति को देखते हुए कंपोनेंट-ए में 2024-25 के लिए 397 मेगावाट और 2025-26 के लिए 5,000 मेगावाट क्षमता का अतिरिक्त आवंटन दिया है। वहीं कंपोनेंट-सी के तहत 2 लाख सोलर पंपों की अतिरिक्त क्षमता स्वीकृत की गई है। अब तक राजस्थान को कुल 5,500 मेगावाट (कंपोनेंट-ए) और 4 लाख सोलर पंपों (कंपोनेंट-सी) का लक्ष्य प्राप्त हुआ है।
किसानों के लिए नई कृषि कनेक्शन नीति
राज्य सरकार ने कृषि कनेक्शन नीति-2017 में संशोधन कर यह प्रावधान किया है कि पीएम-कुसुम योजना के तहत स्थापित सौर संयंत्रों से जुड़े फीडरों पर कृषि कनेक्शन को प्राथमिकता के आधार पर जारी किया जाएगा। इस निर्णय से सवाई माधोपुर जिले के किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।
वर्तमान में जिले में 1,590 कृषि कनेक्शन लंबित हैं तथा 480 नए आवेदन प्राप्त हुए हैं। नई नीति के तहत इन आवेदनों के शीघ्र स्वीकृत होने से किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराई जा सकेगी।
दीपावली से पूर्व चलाए गए विशेष अभियान में 1 से 20 अक्टूबर के बीच 501 घरेलू कनेक्शन जारी किए गए।
राजस्थान और सवाई माधोपुर जैसे जिले इस राष्ट्रीय ऊर्जा अभियान के सशक्त स्तंभ बन रहे हैं। जिले के कोलाड़ा, रामसिंहपुरा, बोली, मित्रपुरा और बोरखेड़ा जैसे क्षेत्रों में स्थापित सौर संयंत्र न केवल किसानों को दिन में बिजली दे रहे हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, रोजगार सृजन और ग्रामीण समृद्धि की नई कहानी भी लिख रहे हैं।