सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर सिरोही में पदयात्रा का आयोजन — जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और युवाओं की रही बड़ी सहभागित
नरेश गुनानी •
05 नवम्बर 2025, सिरोही।
सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में बुधवार को शिवगंज में युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय तथा सिरोही जिला प्रशासन के सहयोग से यूनिटी मार्च पदयात्रा का आयोजन किया गया।
पदयात्रा को पंचायतीराज राज्य मंत्री ओटाराम देवासी और सांसद लुंबाराम चौधरी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह यात्रा पवेलियन ग्राउंड से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों — पोस्ट ऑफिस चौराहा, नया बस स्टैंड, क्रांति सर्कल, पुरानी नगर पालिका, गोल बिल्डिंग, गोकुलवाड़ी पार्क, हीरागरवाड़ी और शशि जैन अस्पताल से होते हुए पुनः पवेलियन ग्राउंड पर संपन्न हुई।
कार्यक्रम से पूर्व मेरा युवा भारत की ओर से प्रतिभागियों को टी-शर्ट वितरित की गईं। युवा, विद्यार्थी और आमजन तिरंगे झंडे और देशभक्ति संदेशों से सजी तख्तियां लेकर पदयात्रा में शामिल हुए।
राज्यमंत्री ओटाराम देवासी ने इस अवसर पर सरदार पटेल के जीवन और उनके देश की एकता में किए गए योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने भारतीय रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर राष्ट्र की अखंडता का जो कार्य किया, वह अद्वितीय है। उन्होंने युवाओं से उनके जीवन से प्रेरणा लेने, एकता और शांति के संदेश को आत्मसात करने और राष्ट्र सेवा के लिए सदैव तत्पर रहने का आह्वान किया।
सांसद लुंबाराम चौधरी ने कहा कि हर नागरिक को राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने महापुरुषों के आदर्शों पर चलने और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सहयोग देने की अपील की।
राज्यमंत्री ओटाराम देवासी ने सभी उपस्थित लोगों को राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ दिलाई, जिसमें एकता, अखंडता और सुरक्षा के प्रति समर्पित रहने का संकल्प लिया गया। सांसद लुंबाराम चौधरी ने स्वदेशी अपनाने और आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करने की शपथ दिलाई, जबकि जिला कलेक्टर अल्पा चौधरी ने सभी को नशामुक्त रहने और समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प दिलाया।
कार्यक्रम के दौरान हाल ही में हुई बस दुर्घटना के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी गई और दो मिनट का मौन रखकर दिवंगतों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई।
यूनिटी मार्च पदयात्रा में स्कूल-कॉलेजों के विद्यार्थी, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि और आमजन बड़ी संख्या में शामिल हुए, जिन्होंने एकता, सद्भाव और राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया।