योगेश शर्मा
जयपुर/जोधपुर। शैक्षणिक क्षेत्र में अपनी मेधा का परिचय देते हुए जयपुर की सलोनी बहल ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। सरदार पटेल यूनिवर्सिटी ऑफ पुलिस, सुरक्षा और दाण्डिक न्याय (जोधपुर) के चतुर्थ दीक्षांत समारोह के अवसर पर सलोनी बहल को पीएचडी (PhD) की उपाधि से नवाजा गया।
राज्यपाल ने प्रदान की उपाधि
समारोह के मुख्य अतिथि राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किशनराव बागड़े ने सलोनी बहल को शोध कार्य पूर्ण करने पर डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की। इस गरिमामयी अवसर पर विश्वविद्यालय के उच्च अधिकारी और शिक्षाविद मौजूद रहे।
साइबर अपराधों को हल करने में मील का पत्थर साबित होगा शोध
सलोनी ने अपना यह महत्वपूर्ण शोध कार्य डॉ. मीनाक्षी पूनिया के कुशल मार्गदर्शन में पूरा किया है। उनके शोध का विषय पुलिस, सुरक्षा और विशेषकर साइबर अपराधों से संबंधित है।
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आलोक त्रिपाठी ने सलोनी के शोध की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा:
”डॉ. सलोनी बहल का यह शोध कार्य पुलिस सिक्योरिटी और साइबर अपराधों की गुत्थियों को सुलझाने में अत्यंत सहायक सिद्ध होगा। वर्तमान समय में जिस तरह साइबर अपराध बढ़ रहे हैं, ऐसे में यह शोध पुलिस प्रशासन के लिए अपराधों को शीघ्र हल करने में एक प्रभावी मार्गदर्शिका का काम करेगा।”
परिवार और समाज में हर्ष की लहर
डॉ. सलोनी बहल, जयपुर के प्रतिष्ठित सामाजिक कार्यकर्ता, रोटरी क्लब जयपुर बापूनगर के पूर्व अध्यक्ष एवं असिस्टेंट गवर्नर विपिन बहल की सुपुत्री हैं। सलोनी की इस सफलता पर रोटरी परिवार और जयपुर के प्रबुद्धजनों ने उन्हें बधाई दी है। उनके परिजनों ने इस उपलब्धि को उनकी कड़ी मेहनत और समाज के प्रति कुछ नया करने के जज्बे का परिणाम बताया है।