सरकार की बड़ी तैयारी… घटिया बीज दिया तो लगेगा भारी जुर्माना
रिपोर्ट : गणपत चौहान, छत्तीसगढ़
50 हजार से 30 लाख रुपए तक भरने पड़ सकते हैं, पंजीकरण भी हो सकता है रद्द
रायगढ़। किसानों को कमजोर और घटिया गुणवत्ता वाले बीज देने वाली कंपनियों और विक्रेताओं पर अब सख्ती बढ़ने जा रही है। केंद्र सरकार ने बीज विधेयक–2025 का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है, जिसमें बीज उत्पादन और बिक्री से जुड़े अपराधों को मामूली, मध्यम और गंभीर श्रेणी में बांटकर कठोर दंड के प्रावधान किए गए हैं। गंभीर श्रेणी के मामलों में 50 हजार से लेकर 30 लाख रुपए तक के जुर्माने, लाइसेंस निलंबन और पंजीकरण रद्द करने तक की कार्रवाई संभव होगी।
साथ ही, यदि किसान प्रमाणित बीज खरीदने के बाद उसका प्रदर्शन मानक अनुसार न पाए, यानी फसल कमजोर हो जाए, तो किसानों को सरकार की ओर से मुआवजा भी मिलेगा। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय का यह नया विधेयक पुराने कानून की जगह लेने जा रहा है, जिसमें किसानों के अधिकारों की रक्षा और गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध कराने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
नए विधेयक का उद्देश्य
ड्राफ्ट में बीज बाजार को पारदर्शी, नियंत्रित और जवाबदेह बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसमें—
- नकली और घटिया बीजों की बिक्री पर रोक
- किसानों के हितों की सुरक्षा
- बीज आपूर्ति शृंखला में पारदर्शिता
- गुणवत्तायुक्त बीजों की सुलभ उपलब्धता
जैसे उद्देश्य शामिल हैं। सरकार ने ड्राफ्ट पर 11 दिसंबर तक जनता से सुझाव मांगे हैं।
गुणवत्ता से जुड़े प्रमुख प्रावधान
- पंजीकरण अनिवार्य – सभी प्रकार के बीजों का बाजार में आने से पहले पंजीकरण अनिवार्य।
- क्वालिटी और शुद्धता सुनिश्चित – बीज उत्पादकों को गुणवत्ता मानकों का कठोर पालन करना होगा।
- बीज सर्टिफिकेशन व्यवस्था – अधिकृत एजेंसियां ही बीजों का प्रमाणन करेंगी।
- सही लेबलिंग जरूरी – वैरायटी, स्रोत, गुणवत्ता और अंकुरण दर स्पष्ट रूप से लिखना होगा।
- भ्रामक जानकारी पर कार्रवाई – नकली, गलत विवरण या निम्न गुणवत्ता वाले बीज बेचने पर सख्त दंड।
- बीज परीक्षण लैब्स की सहायता – गुणवत्ता जांच और विवाद निपटान में महत्वपूर्ण भूमिका।
ड्राफ्ट के अहम बिंदु
- कंपनियों का नियमित ऑडिट और पारदर्शी रिकॉर्ड अनिवार्य।
- बिना लाइसेंस बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध।
- गंभीर उल्लंघनों पर भारी जुर्माना और लाइसेंस रद्द करने तक कार्रवाई।
- GM बीजों पर पर्यावरण व जैव सुरक्षा मानक अनिवार्य।
- बीज विवादों के लिए त्वरित शिकायत निपटान प्रणाली।
- विज्ञापन नियम कड़े, झूठे दावों पर रोक।
किसानों को सीधा लाभ
- नकली बीजों से सुरक्षा
- घटिया बीज से फसल कमजोर होने पर मुआवजा
- सस्ते और गुणवत्तायुक्त बीजों की उपलब्धता
- पारदर्शी व जवाबदेह बीज बाजार

