आर बी चतुर्वेदी
नई दिल्ली: कृषि सीजन के बीच खाद की किल्लत को लेकर उठ रही खबरों पर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। उर्वरक मंत्रालय (Ministry of Chemicals and Fertilizers) ने एक आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि देश में यूरिया, DAP और NPK जैसे प्रमुख उर्वरकों की उपलब्धता न केवल पर्याप्त है, बल्कि मांग से अधिक स्टॉक सुरक्षित रखा गया है।
प्रमुख बिंदु: उर्वरकों की वर्तमान स्थिति
सरकार ने आंकड़ों के जरिए यह भरोसा दिलाया है कि किसानों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। मंत्रालय द्वारा साझा की गई मुख्य जानकारी इस प्रकार है:
- बंपर स्टॉक: वर्तमान में देश के विभिन्न राज्यों और गोदामों में यूरिया और DAP का पर्याप्त भंडार मौजूद है।
- आपूर्ति की निगरानी: केंद्र सरकार ‘उर्वरक निगरानी प्रणाली’ के जरिए हर राज्य की दैनिक मांग और आपूर्ति पर नजर रख रही है।
- अफवाहों पर लगाम: सरकार ने स्पष्ट किया है कि कुछ असामाजिक तत्व और कालाबाजारी करने वाले लोग जानबूझकर ‘कमी’ का डर पैदा कर रहे हैं ताकि ऊंचे दामों पर खाद बेची जा सके।
उपलब्धता का तुलनात्मक विवरण
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उर्वरक का प्रकार |
वर्तमान उपलब्धता (लाख मीट्रिक टन) |
अनुमानित मासिक मांग |
स्थिति |
|---|---|---|---|
|
यूरिया (Urea) |
~ 45.0 |
~ 32.0 |
अधिशेष (Surplus) |
|
DAP |
~ 22.0 |
~ 18.0 |
पर्याप्त (Stable) |
|
NPK/MOP |
~ 15.0 |
~ 10.0 |
कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त चेतावनी
सरकार ने राज्य सरकारों को निर्देश दिए हैं कि वे खाद की जमाखोरी और कालाबाजारी करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।
”उर्वरक की कोई कमी नहीं है। यदि कोई विक्रेता निर्धारित मूल्य (MRP) से अधिक कीमत वसूलता है या कृत्रिम कमी पैदा करता है, तो उस पर उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
— मंत्रालय का आधिकारिक रुख
किसानों के लिए सलाह
- पैनिक बाइंग न करें: जरूरत से ज्यादा खाद खरीदकर घर में जमा न करें, इससे वास्तविक वितरण प्रक्रिया प्रभावित होती है।
- केवल लाइसेंस प्राप्त विक्रेताओं से खरीदें: हमेशा पक्का बिल मांगें और सरकारी रेट पर ही खाद लें।
- वैकल्पिक खाद का प्रयोग: सरकार किसानों को नैनो यूरिया और नैनो DAP के उपयोग के लिए भी प्रोत्साहित कर रही है, जो अधिक प्रभावी और आसानी से उपलब्ध हैं।