समस्या समाधान शिविर सुशासन की मिसाल बने, 47 वर्ष पुराना भूमि विवाद मौके पर सुलझा
जयपुर | 18 दिसंबर 2025
| सुनील शर्मा
राज्य में सुशासन और संवेदनशील प्रशासन की दिशा में आयोजित शहरी एवं ग्रामीण समस्या समाधान शिविर आमजन के लिए प्रभावी राहत मंच बनकर उभर रहे हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुरूप जयपुर जिले में इन शिविरों का निरंतर आयोजन किया जा रहा है। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी स्वयं इन शिविरों की नियमित मॉनिटरिंग कर रहे हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं।
इसी क्रम में गुरुवार को जयपुर जिले की सांभरलेक पंचायत समिति की ग्राम पंचायत बरड़ोती में आयोजित ग्रामीण समस्या समाधान शिविर में 47 वर्ष से लंबित भूमि स्वामित्व विवाद का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। वर्षों से चली आ रही इस जटिल समस्या के निस्तारण से प्रभावित परिवारों को बड़ी राहत मिली और शिविर में मौजूद लोगों के चेहरों पर संतोष और खुशी दिखाई दी।
चार पीढ़ियों तक चला विवाद, एक दिन में समाधान
उपखंड अधिकारी ऋषिराज कपिल ने बताया कि यह प्रकरण वर्ष 1978 से लंबित था। मूल खातेदार के निधन के बाद भूमि के नामांतरण और बंटवारे की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई, जिसके कारण यह विवाद चार पीढ़ियों तक चलता रहा। इस भूमि से जुड़े कुल 46 वारिस थे, जिन्हें कानूनी स्वामित्व के अभाव में वर्षों से अनेक प्रशासनिक और सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
आपसी सहमति से हुआ विधिवत बंटवारा
समस्या समाधान शिविर में सभी 46 वारिसों को आमंत्रित किया गया। उनके दस्तावेजों की गहन जांच के बाद प्रशासनिक अधिकारियों और राजस्व कर्मियों की मौजूदगी में सभी पक्षकारों की आपसी सहमति से भूमि का विधिवत बंटवारा किया गया। साथ ही, लंबे समय से लंबित फोती नामांतरण प्रकरणों का भी निस्तारण कर प्रत्येक वारिस को उसका वैधानिक अधिकार प्रदान किया गया।
इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और समयबद्ध तरीके से संपन्न किया गया, जिससे वर्षों से चली आ रही कानूनी उलझन का अंत संभव हो सका।
गांव में ही मिला न्याय, शासन की मंशा साकार
उपखंड अधिकारी ने बताया कि सरकार का उद्देश्य है कि ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान उनके गांव में ही हो, ताकि उन्हें बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। समस्या समाधान शिविरों के माध्यम से वर्षों पुराने मामलों का त्वरित निस्तारण कर आमजन को न्याय दिलाया जा रहा है, जिससे प्रशासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हो रहा है।
वारिसों ने जताया आभार
शिविर में उपस्थित सभी वारिसों और ग्रामीणों ने राज्य सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि दशकों पुरानी समस्या का एक ही दिन में समाधान हो जाना उनके लिए बड़ी राहत है। भूमि पर वैधानिक स्वामित्व मिलने से अब वे विभिन्न सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ भी प्राप्त कर सकेंगे।
अन्य प्रकरणों का भी हुआ निस्तारण
ग्राम पंचायत बरड़ोती में आयोजित यह शिविर सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और त्वरित न्याय का सशक्त उदाहरण साबित हुआ। शिविर के दौरान अन्य कई राजस्व और जनसमस्याओं का भी समाधान किया गया, साथ ही ग्रामीणों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
19 दिसंबर को भी होंगे शिविर
प्रशासन की ओर से बताया गया कि 19 दिसंबर 2025 को जयपुर जिले के विभिन्न उपखंडों में ग्रामीण समस्या समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे। ये शिविर जमवारामगढ़, जोबनेर, किशनगढ़ रेनवाल, दूदू, आमेर, सांगानेर, चाकसू, मोजमाबाद, जयपुर, फागी, बस्सी, सांभरलेक, शाहपुरा, माधोराजपुरा और चोमूं सहित कई ग्राम पंचायतों में लगाए जाएंगे।