जयपुर, 11 जुलाई / नरेश गुनानी /मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शनिवार को शासन सचिवालय से एसएमएस मेडिकल कॉलेज, जयपुर की महत्वाकांक्षी आईपीडी टावर परियोजना एवं इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोवैस्कुलर साइंसेज की प्रगति की उच्च स्तरीय समीक्षा की। मुख्य सचिव ने परियोजना से जुड़े विभिन्न निर्माण, वित्तीय, प्रशासनिक एवं संचालन संबंधी विषयों की विभागवार विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समयसीमा (डेडलाइन) में पूर्ण करने के कड़े निर्देश दिए।
स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि आईपीडी टावर राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और चिकित्सा ढांचे को विश्वस्तरीय बनाने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना है। उन्होंने संबंधित विभागों और कार्यदायी एजेंसियों को आपसी समन्वय (कोऑर्डिनेशन) के साथ लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने तथा निर्माण कार्यों में तेजी लाने की हिदायत दी।
गुणवत्ता, मानव संसाधन और सुरक्षा मानकों पर विशेष फोकस
मुख्य सचिव ने आईपीडी टावर को जल्द से जल्द पूर्ण रूप से क्रियाशील बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए:
- समयबद्ध कार्ययोजना: आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की खरीद, मानव संसाधन (मेडिकल स्टाफ) की तैनाती, पार्किंग व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और सुगम पहुंच मार्ग (अप्रोच रोड) के लिए एक प्रभावी व समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर लागू की जाए।
- क्वालिटी और सेफ्टी: निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों में किसी भी स्तर पर समझौता न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
- नियमित मॉनिटरिंग: पूरे प्रोजेक्ट की प्रगति की नियमित और कड़ाई से मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
बैठक में परियोजना की वर्तमान प्रगति के साथ-साथ इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोवैस्कुलर साइंसेज में प्रारंभ की जा चुकी चिकित्सा सेवाओं, शेष बचे कार्यों तथा पिछली समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों की अनुपालना रिपोर्ट (एटीआर) की भी गहन समीक्षा की गई।
बैठक में शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों की रही मौजूदगी
सचिवालय में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग गायत्री ए. राठौड़, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा विभाग बाबू लाल गोयल एवं संयुक्त शासन सचिव चिकित्सा शिक्षा विभाग डॉ. ज्योति चौहान व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहीं।
इसके साथ ही, अतिरिक्त मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवासन विभाग (UDH) आलोक गुप्ता, प्रमुख शासन सचिव वित्त वैभव गालरिया, आयुक्त जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) सिद्धार्थ महाजन और प्रिंसिपल एवं कंट्रोलर एसएमएस मेडिकल कॉलेज डॉ. दीपक माहेश्वरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से जुड़कर प्रोजेक्ट से जुड़े विभिन्न तकनीकी व वित्तीय पहलुओं पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की।