समग्र विकास को गति देने के लिए 12 नई नीतियों के साथ प्रगतिशील पथ पर अग्रसर राजस्थान
रिपोर्ट – नरेश गुनानी, टेलीग्राफ टाइम्स
11 नवम्बर 2025, 03:25 PM
जयपुर, 11 नवंबर। व्यापार सुगमता और निवेश को बढ़ावा देने के लिए 22 नीतियों को सफलतापूर्वक लागू करने के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार 12 नई प्रगतिशील नीतियों के साथ एक परिवर्तनकारी छलांग लगाने के लिए तैयार है। इन नीतियों में से कुछ को ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ से पहले लागू करने की योजना है। इनका उद्देश्य आर्थिक विकास को गति देना, नवाचार को प्रोत्साहित करना और सभी क्षेत्रों में समावेशी विकास को आगे बढ़ाना है। कृषि से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक फैली नई नीतिगत रूपरेखा भविष्य के लिए तैयार शासन और सतत प्रगति के प्रति राजस्थान की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
औद्योगिक नीति का उद्देश्य विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना और उभरते क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करना है। इसके पूरक के रूप में तैयार की जा रही राजस्थान व्यापार संवर्धन नीति राज्य में व्यापार और औद्योगिक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने पर केंद्रित होगी।
प्रौद्योगिकी की परिवर्तनकारी क्षमता का लाभ उठाने के प्रयास में सरकार जल्द ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग नीति लागू करेगी, ताकि राज्य में एआई-संचालित उद्यमों और अनुसंधान एवं विकास क्षमताओं को बढ़ावा मिल सके। साथ ही वैश्विक क्षमता केंद्र नीति बहुराष्ट्रीय कंपनियों को राजस्थान में अपने ज्ञान और सेवा केंद्र स्थापित करने के लिए आकर्षित करेगी, जिससे राज्य उभरते क्षेत्रों में वैश्विक निवेश केंद्र के रूप में स्थापित होगा।
इसी क्रम में, सेमीकंडक्टर नीति राजस्थान को उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। वहीं, अंतरिक्ष और एयरो डिफेंस नीति राज्य की रणनीतिक क्षमता का लाभ उठाते हुए एयरोस्पेस और रक्षा विनिर्माण में नवाचार और निवेश को प्रोत्साहित करेगी।
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रमुख सचिव आलोक गुप्ता ने बताया कि आगामी नीतियाँ भविष्य के लिए तैयार शासन के प्रति राजस्थान सरकार के दृष्टिकोण को दर्शाती हैं। प्रत्येक नीति निवेश, नवाचार और रोज़गार सृजन को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन की गई है। ये नीतियाँ मिलकर राजस्थान को सतत विकास के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करेंगी।
पर्यटन क्षेत्र में विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे के साथ राज्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए नई पर्यटन नीति विरासत, पर्यावरण और ग्रामीण पर्यटन पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित करेगी। इसके साथ ही हरित विकास ऋण नीति पर्यावरण-सतत परियोजनाओं और हरित उद्यमिता को प्रोत्साहन देगी।
मुख्यमंत्री द्वारा यूके रोड शो के दौरान जयपुर को खेल केंद्र के रूप में विकसित करने की घोषणा के क्रम में, खेल नीति खेल संस्कृति को बढ़ावा देने, विश्व स्तरीय खेल सुविधाओं के निर्माण और उभरती प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने पर केंद्रित होगी।
इसके अलावा, आईटी आउटसोर्सिंग, फॉरेस्ट और एग्रो-फॉरेस्ट्री नीति ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी भूमि उपयोग और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देगी। इसी दिशा में एग्रीकल्चर एंड फूड प्रोसेसिंग नीति मूल्य संवर्धन को बढ़ाने, किसानों को बेहतर लाभ सुनिश्चित करने और कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित होगी।
इस व्यापक नीतिगत पहल के अंतर्गत राजस्थान वाहन स्क्रैपेज नीति पुराने प्रदूषणकारी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने, कार्बन उत्सर्जन को कम करने और पर्यावरण-अनुकूल गतिशीलता को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखेगी।
ये 12 प्रस्तावित नीतियाँ राजस्थान के विकास के लिए एक समग्र दृष्टिकोण को प्रस्तुत करती हैं, जो आर्थिक समृद्धि को स्थिरता, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता के साथ जोड़ती हैं। ये सभी मिलकर भारत की विकास गाथा में निवेश, प्रौद्योगिकी और प्रतिभा के लिए राजस्थान को एक अग्रणी गंतव्य के रूप में स्थापित करने के संकल्प को साकार करती हैं।