रिपोर्ट: योगेश शर्मा, जयपुर
जयपुर/चौमू। हौसले बुलंद हों और इरादे नेक, तो सफलता कदम चूमती है। इस कहावत को सच कर दिखाया है जयपुर जिले के आलीसर गांव की होनहार छात्रा आराध्या दायमा ने। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान (RBSE) द्वारा घोषित 12वीं विज्ञान वर्ग के परिणामों में आराध्या ने 92.20% अंक प्राप्त कर न केवल अपने माता-पिता का सिर ऊंचा किया है, बल्कि पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है।
कड़ी मेहनत और अनुशासन का परिणाम
आराध्या ने अपनी इस सफलता का मुख्य केंद्र चौमू स्थित शिवाजी करियर इंस्टीट्यूट को बताया, जहाँ रहकर उन्होंने नियमित कोचिंग और मार्गदर्शन प्राप्त किया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनकी सफलता के पीछे कोई ‘शॉर्टकट’ नहीं था, बल्कि:
- नियमित अध्ययन: प्रतिदिन घंटों तक बिना रुके पढ़ाई करना।
- शिक्षकों का सहयोग: कठिन विषयों पर शिक्षकों से निरंतर चर्चा।
- अनुशासन: मोबाइल और अन्य विकर्षणों से दूर रहकर केवल लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना।
पारिवारिक पृष्ठभूमि और प्रेरणा
आराध्या एक ऐसे परिवार से आती हैं जहाँ शिक्षा का महत्व सर्वोपरि है। उनके पिता, श्री अशोक दायमा, एक सरकारी शिक्षक हैं, जिन्होंने हमेशा बेटी की पढ़ाई को प्राथमिकता दी। वहीं उनकी माता, श्रीमती मंजू देवी, एक गृहिणी हैं, जिन्होंने घर के माहौल को पढ़ाई के अनुकूल बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई।
”मेरी बेटी ने अपनी मेहनत से यह साबित कर दिया कि अगर लगन हो, तो गांव की गलियों से भी सफलता के शिखर तक पहुँचा जा सकता है।” — अशोक दायमा (गर्वित पिता)
भविष्य का लक्ष्य: देश सेवा का जज्बा
आराध्या की मंजिल यहीं खत्म नहीं होती। 12वीं में शानदार प्रदर्शन के बाद अब उनका लक्ष्य सिविल सेवा (UPSC) में जाना है। वह एक प्रशासनिक अधिकारी बनकर देश की सेवा करना चाहती हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का सपना देखती हैं।
क्षेत्र में खुशी की लहर
आराध्या की इस उपलब्धि की खबर जैसे ही आलीसर गांव पहुँची, वहां उत्सव जैसा माहौल हो गया। ग्रामीणों ने मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने आराध्या को बधाई देते हुए कहा कि वह क्षेत्र के अन्य छात्र-छात्राओं के लिए एक रोल मॉडल बनकर उभरी हैं।
मुख्य बिंदु एक नज़र में:
- नाम: आराध्या दायमा
- स्थान: ग्राम आलीसर, चौमू (जयपुर)
- परीक्षा: 12वीं विज्ञान (RBSE)
- प्राप्तांक: 92.20%
- संस्थान: शिवाजी करियर इंस्टीट्यूट, चौमू
- लक्ष्य: सिविल सेवा (IAS/IPS)
आराध्या की यह सफलता बताती है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर या आधुनिक सुविधाओं की मोहताज नहीं होती। उनकी यह उड़ान भविष्य की कई बड़ी उपलब्धियों की दस्तक है।
