सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति ने दुनिया को बहुत कुछ दिया : राज्यपाल बागडे
08 सितम्बर 2025 | जयपुर , सुनील शर्मा, टेलीग्राफ टाइम्स।
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि शिक्षा और संस्कृति से ही संस्कारों का निर्माण होता है। अच्छे संस्कारों से ही राष्ट्र के अच्छे नागरिक बनते हैं। सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति ने दुनिया को बहुत कुछ दिया है।
वे सोमवार को गिरधारी लाल बिहाणी सनातन धर्म शिक्षा ट्रस्ट की ओर से 75 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित शिक्षा अमृत महोत्सव-शताब्दी कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि टिकाऊ समाज के निर्माण में सभी की भूमिका होनी चाहिए।
राज्यपाल ने अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि साक्षरता मौलिक अधिकार है। भारतीय संस्कृति और शिक्षा का समर्पण जीवन को उत्कृष्ट बनाता है। राष्ट्र का निर्माण केवल प्राकृतिक संसाधनों से नहीं, बल्कि मानव संसाधनों से होता है और इसके लिए शिक्षा जरूरी कदम है।
उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म में “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना है। भारत ने कभी किसी अन्य देश पर आक्रमण नहीं किया और न ही किसी धर्म को कमतर आंकने या निंदा करने का कार्य किया। बच्चों को स्वामी विवेकानंद से प्रेरणा लेने और “जैसा सोचोगे, वैसा ही बनोगे” की अवधारणा पर चलने की सीख दी। विद्यार्थियों में एकाग्रता के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने महाभारत में अर्जुन का उदाहरण दिया।
राज्यपाल ने कहा कि नई शिक्षा नीति लागू है और शिक्षा ऐसी होनी चाहिए, जो विद्यार्थियों में बौद्धिक क्षमता का विकास करने के साथ-साथ उन्हें संस्कारवान और गुणवान बनाए। उन्होंने बताया कि हमारे प्राचीन ग्रंथों में सौर मंडल और खगोलीय घटनाओं का उल्लेख मिलता है, जो वैज्ञानिक दृष्टि से सटीक साबित हुआ है। हिंदुस्तान की प्राचीन संस्कृति ने पूरी दुनिया को बहुत कुछ सिखाया है।
गंगानगर विधायक और गिरधारी लाल बिहाणी सनातन धर्म शिक्षा ट्रस्ट के अध्यक्ष जयदीप बिहाणी ने राज्यपाल को सम्मान पत्र भेंट किया। कार्यक्रम में ट्रस्ट में योगदान देने वाले शिक्षाविदों और कार्मिकों को सम्मानित किया गया। साथ ही शिक्षा, खेल और अमृत महोत्सव के अवसर पर आयोजित छह प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया।