नरेश गुनानी
जयपुर, 09 जून। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में मंगलवार को शासन सचिवालय में सचिवों की समिति (Committee of Secretaries) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव एवं शासन सचिवों ने भाग लिया।
इस उच्च स्तरीय बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित फ्लैगशिप योजनाओं की प्रगति, बजटीय प्रावधानों के विरुद्ध बजट उपयोग और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने योजनाओं की अब तक की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर योजना का लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए।
निर्णय प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए ई-फाइलों के स्तर होंगे कम
प्रशासनिक तंत्र को अधिक चुस्त-दुरुस्त और जवाबदेह बनाने के लिए मुख्य सचिव ने प्रक्रियाओं में सुधार के कड़े निर्देश दिए:
- सरल होगी ई-फाइलिंग: प्रशासनिक प्रक्रियाओं में अनावश्यक देरी को खत्म करने के लिए ई-फाइलों के निस्तारण की प्रक्रिया को और सरल बनाया जाएगा।
- कम होंगे चैनल: ई-फाइल को क्लीयरेंस के लिए जिन विभिन्न स्तरों (लेवल्स) से होकर गुजरना पड़ता है, उनकी संख्या को यथासंभव कम किया जाएगा। इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया में तेजी आएगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।
- पेंडेंसी होगी खत्म: सभी विभागों को अपने यहां लंबित मामलों (पेंडिंग केसेज) के शीघ्र निस्तारण पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
’वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान’ में बढ़ेगी जनभागीदारी
बैठक में मुख्य सचिव ने ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ जैसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील अभियानों पर विशेष चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे अभियानों में व्यापक जनसहभागिता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी जनजागरूकता और आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। उन्होंने साफ कहा कि जल संरक्षण जैसे बड़े विषयों पर जब तक समाज सक्रिय रूप से आगे नहीं आएगा, तब तक सफलता संभव नहीं है। इसके लिए स्थानीय स्तर पर संवाद बढ़ाने पर जोर दिया गया।
राजस्थान सम्पर्क पोर्टल पर शिकायतों का समयबद्ध निवारण
आमजन की समस्याओं के समाधान को लेकर मुख्य सचिव ने बेहद सख्त रुख अपनाया:
- टाइमलाइन में हो निस्तारण: राजस्थान सम्पर्क पोर्टल पर प्राप्त होने वाली आमजन की शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण अनिवार्य रूप से किया जाए।
- अधिकारियों को ट्रेनिंग: पोर्टल एवं हेल्पलाइन पर तैनात शिकायत निवारण अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे शिकायतों का त्वरित और प्रभावी समाधान कर सकें।
- विधानसभा प्रश्नों के जवाब: विधानसभा सदस्यों (विधायकों) द्वारा पूछे गए लंबित प्रश्नों के उत्तर शीघ्र, सटीक और तथ्यपरक रूप से उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए।
अंतर्विभागीय समन्वय और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की सराहना
मुख्य सचिव ने विभागों के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि अंतर्विभागीय (Inter-departmental) मुद्दों पर आपसी सहयोग और संवाद से ही योजनाओं के सर्वश्रेष्ठ परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।
”ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के क्षेत्र में प्रदेश की डी-रेगुलेशन सेल और राजनिवेश पोर्टल का प्रदर्शन बेहद उत्कृष्ट रहा है। विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे ऐसे सराहनीय कार्यों से राज्य में निवेश और विकास को गति मिल रही है।”
— वी. श्रीनिवास, मुख्य सचिव, राजस्थान