संस्कार पब्लिक स्कूल के विद्यार्थी करेंगे इसरो का शैक्षणिक भ्रमण
रिसर्च और अंतरिक्ष विज्ञान का मिलेगा प्रत्यक्ष ज्ञान
गणपत चौहान, छत्तीसगढ़
रायगढ़। जिले की प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्था संस्कार पब्लिक स्कूल के विद्यार्थी विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान की दुनिया को करीब से समझने के लिए आगामी 6 अक्टूबर को बेंगलुरू स्थित इसरो (Indian Space Research Organisation) का शैक्षणिक भ्रमण करेंगे। संस्था की प्राचार्या रश्मि शर्मा ने बताया कि मार्गदर्शक रामचन्द्र शर्मा के नेतृत्व में इस भ्रमण के लिए इसरो से पूर्व अनुमति प्राप्त की गई है। इस दौरान स्कूल के 50 विद्यार्थी इसरो के विभिन्न शोध एवं तकनीकी कार्यों को प्रत्यक्ष रूप से देखेंगे।
विद्यार्थियों को मिलेगा अनोखा अनुभव
मार्गदर्शक रामचन्द्र शर्मा ने बताया कि इस भ्रमण से विद्यार्थियों को उपग्रह संचार, अंतरिक्ष अनुसंधान, आपदा प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर ज्ञान बढ़ेगा। जो विद्यार्थी भविष्य में अंतरिक्ष अनुसंधान या विज्ञान के अन्य क्षेत्रों में करियर बनाना चाहते हैं, उनके लिए यह यात्रा प्रेरणा और उत्साह का महत्वपूर्ण स्रोत सिद्ध होगी।
इसरो की उपलब्धियां
रामचन्द्र शर्मा ने जानकारी दी कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन की स्थापना 15 अगस्त 1969 को की गई थी। इसरो ने 1975 में पहला भारतीय उपग्रह आर्यभट्ट प्रक्षेपित किया था। बेंगलुरू स्थित इसरो केन्द्र से अब तक 50 से अधिक देशों के उपग्रह सफलतापूर्वक लांच किए जा चुके हैं। इसके साथ ही चंद्रयान मिशन (2008), जीएसएलवी और पीएसएलवी रॉकेट तथा कई संचार उपग्रह कार्यक्रम इस संस्था की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल हैं।
शिक्षा के साथ अनुभव पर जोर
संस्कार पब्लिक स्कूल प्रबंधन का कहना है कि इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण से विद्यार्थियों का न केवल ज्ञान बढ़ता है, बल्कि उन्हें यात्रा प्रबंधन, अनुशासन और व्यवहारिक अनुभव भी प्राप्त होता है। इसरो भ्रमण के साथ बेंगलुरू शहर का दौरा भी बच्चों के लिए एक यादगार सीख और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए मार्गदर्शन का अवसर बनेगा।

