संवैधानिक अधिकारों की बहाली हेतु रायपुर में धरना – हजारों हजार की ऐतिहासिक जुटी भीड़

छत्तीसगढ़


संवैधानिक अधिकारों की बहाली हेतु रायपुर में धरना – हजारों हजार की ऐतिहासिक जुटी भीड़

राज्यभर से जुटे सामाजिक प्रतिनिधि, 11 जून को तूता, नवा रायपुर बना सामाजिक न्याय का केंद्र

Edited By : गणपत चौहान 
टेलीग्राफ टाइम्स
जून 11,2025

रायपुर, 11 जून 2025
आज छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर के तूता मैदान में आरक्षित वर्गों के संवैधानिक अधिकारों की बहाली के लिए राज्यव्यापी विशाल धरना प्रदर्शन हुआ, जिसमें हजारों हजार की भीड़ ने हिस्सा लेकर इसे ऐतिहासिक बना दिया।

यह आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य आरक्षित वर्ग अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन के आह्वान पर, सर्व अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समाज प्रमुखों की आमसभा के निर्णय अनुसार संपन्न हुआ। मुख्य उद्देश्य था – आरक्षण, सामाजिक न्याय, शिक्षा, और प्रशासन में भागीदारी सुनिश्चित करना।


🔴 प्रमुख सहभागी संगठन:

  • छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति, जनजाति अधिकारी कर्मचारी संघ (अजाक्स)
  • छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ
  • छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल आरक्षित वर्ग अधिकारी कर्मचारी संघ
  • सोशल जस्टिस एंड लीगल फाउंडेशन
  • विभिन्न अजा-अजजा समाजिक व कर्मचारी संगठन

📜 धरने की प्रमुख मांगे:

  1. पदोन्नति में आरक्षण नियम-5 को पुनः अधिसूचित कर सुप्रीम कोर्ट के आदेश (01.05.2023 और 24.02.2025) के अनुरूप तत्काल लागू किया जाए।
  2. बैकलॉग पदों की पूर्ति हेतु विशेष भर्ती अभियान चलाया जाए।
  3. जनसंख्या के आधार पर आरक्षण सुनिश्चित किया जाए व स्थानीय/जिला स्तर पर पृथक अधिनियम बनाया जाए।
  4. SC-ST छात्रवृत्ति के लिए 2.50 लाख की आय सीमा को समाप्त किया जाए।
  5. फर्जी जाति प्रमाण पत्र धारकों पर सेवा समाप्ति की कठोर कार्रवाई हो।
  6. जाति प्रमाण पत्र प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाया जाए।
  7. SC-ST उपयोजना हेतु पृथक बजट अधिनियम बनाया जाए।
  8. आरक्षण अधिनियम 1994 के प्रावधानों को शत-प्रतिशत लागू किया जाए।
  9. पेसा कानून का 5वीं अनुसूची क्षेत्रों के 85 विकासखंडों में प्रभावी क्रियान्वयन हो।
  10. भूमि अंतरण प्रतिबंध से संबंधित 17 अगस्त 2016 के परिपत्र को तत्काल निरस्त किया जाए।

    संविधान की रक्षा के लिए एकजुट हुए ये संगठन एवं समाज

🗣️ चौहान समाज छत्तीसगढ़ घरघोड़ा रायगढ़ की सशक्त उपस्थिति

इस ऐतिहासिक धरने में चौहान समाज छत्तीसगढ़ घरघोड़ा रायगढ़ की सक्रिय भागीदारी रही। विभिन्न जिलों से पहुंचे चौहान समाज के सैकड़ों सामाजिक प्रतिनिधियों ने पूर्ण समर्थन दिया। विशेष रूप से जिन वरिष्ठजनों व प्रमुख प्रतिनिधियों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही:

वरिष्ठ मोहन चौहान, वरिष्ठ गनपत चौहान, गजेन्द्र चौहान, राजेन्द्र चौहान, मंगूलाल चौहान, चन्द्रहास चौहान, मनोज चौहान, भुवन चौहान, धनीराम चौहान, कैलाश चौहान, संजय चौहान एवं समाज के प्रमुखों में नारायण प्रशाद राठिया,नकुल प्रशाद निषाद, परमेश्वर राठिया, सुदर्शन राठिया सहित शताधिक लोगों ने रायगढ़ जिले से शामिल हुए ।

इन सभी प्रतिनिधियों ने संविधान, सामाजिक न्याय और वर्गीय अधिकारों की रक्षा हेतु अपने संकल्प को दोहराया।


संविधान बचाओ – आरक्षण निभाओ

धरने में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि यह आंदोलन किसी दल या सरकार के विरोध में नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकारों की पुनर्बहाली और समाजिक न्याय की पूर्णता के लिए है। यदि मांगों पर त्वरित निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी जन-जागरण में बदला जाएगा।


🤝 समर्थन देने वाले प्रमुख समाज:

  • छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज
  • छत्तीसगढ़ प्रगतिशील सतनामी समाज
  • छत्तीसगढ़ सर्व अनुसूचित जाति समाज
  • छत्तीसगढ़ प्रदेश कंवर समाज
  • छत्तीसगढ़ प्रदेश उरांव समाज
  • सतनाम धर्म महासभा
  • अखिल भारतीय बौद्ध महासभा
  • छत्तीसगढ़ प्रदेश संवरा समाज
  • सर्व आदिवासी समाज बस्तर संभाग
  • छ.ग. घासी, घसिया, सहिस, सारथी समाज कल्याण समिति
  • छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोंड महासभा
  • गोंडवाना समाज समन्वय समिति बस्तर संभाग
  • अखिल भारतीय हल्वा समाज
  • सूर्यवंशी महासभा छत्तीसगढ़
  • अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद, जिला गरियाबंद
  • चौहान समाज छत्तीसगढ़ घरघोड़ा रायगढ़

 

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