संविधान राष्ट्र की आत्मा, लोकतांत्रिक मूल्यों का आधार: घनश्याम तिवाड़ी

संविधान राष्ट्र की आत्मा, लोकतांत्रिक मूल्यों का आधार: घनश्याम तिवाड़ी

| योगेश शर्मा

जयपुर। गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने अपने जयपुर स्थित निवास पर हर्षोल्लास के साथ ध्वजारोहण किया। इस दौरान उन्होंने तिरंगे को सलामी दी और देश की एकता व अखंडता को अक्षुण्ण बनाए रखने का संकल्प लिया।

स्वतंत्रता सेनानियों को दी श्रद्धांजलि

​समारोह को संबोधित करते हुए सांसद तिवाड़ी ने उन अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों को नमन किया, जिन्होंने मातृभूमि की आजादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान दे दिया। उन्होंने कहा कि आज हम जिस स्वतंत्र और लोकतांत्रिक भारत में सांस ले रहे हैं, वह वीर शहीदों के संघर्ष और त्याग का परिणाम है।

संविधान: राष्ट्र की मार्गदर्शिका

​तिवाड़ी ने भारतीय संविधान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा:

​”26 जनवरी 1950 को अंगीकार किया गया हमारा संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र की आत्मा है। हमारे संविधान निर्माताओं ने एक ऐसे समावेशी भारत का सपना देखा था, जहां न्याय, समानता और बंधुत्व की भावना सर्वोपरि हो।”

 

​उन्होंने आगे कहा कि संविधान ही वह शक्ति है जो देश के प्रत्येक नागरिक को अधिकार प्रदान करती है और राष्ट्र को विकास की दिशा में अग्रसर करती है।

देशवासियों को शुभकामनाएं

​सांसद ने सभी प्रदेशवासियों और देशवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई देते हुए आह्वान किया कि हमें अपने संवैधानिक कर्तव्यों का पालन पूरी निष्ठा के साथ करना चाहिए ताकि भारत को विश्व पटल पर एक सशक्त और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाया जा सके।

spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

पीआईईटी में ‘आईट्रिपलई दिल्ली सेक्शन कांग्रेस’ का भव्य आयोजन: तकनीक और नेतृत्व का अनूठा संगम

पीआईईटी में 'आईट्रिपलई दिल्ली सेक्शन कांग्रेस' का भव्य आयोजन:...