जयपुर/ नरेश गुनानी/राज्य सरकार की आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं पारदर्शी समाधान की मंशा के अनुरूप संयुक्त शासन सचिव, वित्त (व्यय-II) प्रताप सिंह ने ‘राजस्थान संपर्क 181’ हेल्पलाइन केंद्र का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पोर्टल की कार्यप्रणाली, परिवाद निस्तारण की गति एवं सीएम डैशबोर्ड की गहन समीक्षा की।
सीएम डैशबोर्ड पर निस्तारण समय को न्यूनतम करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान प्रताप सिंह ने सीएम डैशबोर्ड पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण में लगने वाले औसत समय को निरंतर कम करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और अंतर-विभागीय समन्वय के माध्यम से परिवादियों को न्यूनतम समय में अधिकतम राहत पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
‘संपर्क जीपीटी’ से अंतर-विभागीय व जटिल प्रकरणों का विश्लेषण
प्रताप सिंह ने बताया कि अंतर-विभागीय प्रकृति की शिकायतों के प्रभावी एवं स्थायी समाधान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित ‘संपर्क जीपीटी’ के माध्यम से गहन डेटा विश्लेषण किया जा रहा है। इस आधुनिक एआई तकनीक की मदद से जटिल एवं बहु-विभागीय प्रकरणों की मूल समस्या तक पहुंचकर उनका स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।
परिवादियों से सीधा संवाद, मौके पर ही कई समस्याओं का निपटारा
संयुक्त शासन सचिव ने 181 हेल्पलाइन पर आने वाले जन परिवादों को स्वयं सुना और संबंधित विभागीय अधिकारियों से तत्काल फोन पर समन्वय स्थापित कर कई समस्याओं का मौके पर ही समाधान करवाया। उन्होंने लंबित एवं निस्तारित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करते हुए अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण समाधान एवं सकारात्मक जन-फीडबैक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही हेल्पलाइन केंद्र के कार्मिकों की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि समस्याओं के त्वरित समाधान से प्रशासनिक तंत्र के प्रति आमजन का विश्वास और मजबूत हो रहा है।
मुख्यमंत्री की पहल: सचिव स्तर के अधिकारी कर रहे सीधा संवाद
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार आमजन की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए सभी विभागों के सचिव निर्धारित तिथियों पर राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) कंट्रोल रूम में उपस्थित होकर परिवादियों से सीधे संवाद कर रहे हैं। इस पहल के माध्यम से नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज करवाकर त्वरित एवं पारदर्शी समाधान प्राप्त कर रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान वित्त विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं आईटी विंग के तकनीकी विशेषज्ञ उपस्थित रहे।