जयपुर/प्रीति बालानी/मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि प्रदेश की महिलाओं को शिक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि तीन माह पूर्व प्रारंभ किया गया ‘संबल सखी अभियान’ आज राजस्थान में महिला सशक्तिकरण का एक व्यापक जनआंदोलन रूप ले चुका है। मुख्यमंत्री बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर ‘संबल सखी यंग प्रोफेशनल्स’ के साथ आयोजित संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
संबल सखियों के समर्पण से साकार होगा ‘विकसित राजस्थान 2047’
मुख्यमंत्री ने संवाद के दौरान कहा कि ‘विकसित राजस्थान 2047’ का संकल्प संबल सखियों की निष्ठा और समर्पण से ही पूरा होगा। संबल सखियां राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी सीधे आमजन तक पहुंचा रही हैं। सेवा शिविरों और ‘वंदे गंगा अभियान’ में इनकी भूमिका सराहनीय रही है, जिसके माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचा है।
उन्होंने संबल सखियों का आह्वान किया कि वे महिला उत्थान के इस अवसर को पूरी तन्मयता से निभाएं और हर पात्र व्यक्ति को योजना से जोड़ने व उसकी समस्याओं का समाधान कराने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

चार प्रमुख वर्गों का सर्वांगीण विकास सरकार की प्राथमिकता
संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में चार प्रमुख स्तंभों—किसान, मजदूर, महिला और युवा—का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा रहा है।
- किसान कल्याण: गुणवत्तापूर्ण बीज, पर्याप्त सिंचाई जल और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
- युवा और रोजगार: प्रदेश में अब तक 1 लाख 78 हजार पदों पर सरकारी नियुक्तियां दी जा चुकी हैं, जबकि 1 लाख से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। इसके अतिरिक्त, निजी क्षेत्र में लगभग साढ़े चार लाख युवाओं को रोजगार मिला है।
- बुनियादी ढांचा: ‘डबल इंजन सरकार’ एक स्पष्ट रोडमैप के साथ पानी, बिजली, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्रों में धरातल पर काम कर रही है।
ऊर्जा क्षेत्र में राजस्थान ने रचा इतिहास
राज्य की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राजस्थान के इतिहास में पहली बार ऊर्जा प्रबंधन के क्षेत्र में नया रिकॉर्ड बना है।
”मई, जून और जुलाई के जिन महीनों में राजस्थान पहले अन्य राज्यों से बिजली खरीदने पर निर्भर रहता था, इस बार प्रदेश ने न केवल अपनी जरूरतें पूरी कीं, बल्कि सरप्लस उत्पादन कर अन्य राज्यों को भी बिजली बेचने का ऐतिहासिक कार्य किया है।”
सेवा शिविरों की अवधि 31 अगस्त तक बढ़ी
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आयोजित सेवा शिविरों की प्रभावशीलता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि इन शिविरों से वर्षों पुरानी जटिल समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण हुआ है। अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने इन सेवा शिविरों की अवधि को बढ़ाकर 31 अगस्त कर दिया है।
इस संवाद कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों की महिला अधिकारी तथा बड़ी संख्या में संबल सखी यंग प्रोफेशनल्स मौजूद रहीं।