संगीतमय रामचरित मानस पारायण का हुआ शुभारम्भ
जय बजरंग मानस मण्डल का 44वां वार्षिक उत्सव एवं तुलसी जयंती महोत्सव प्रारंभ
By : सुनील शर्मा
टेलीग्राफ टाइम्स
अगस्त 02,2025
(हरिप्रसाद शर्मा) किशनगढ़/अजमेर।
मदनगंज किशनगढ़ स्थित श्री जय बजरंग मानस मण्डल की स्थापना के 44 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित वार्षिक उत्सव एवं गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज की जयंती के अवसर पर शनिवार सुबह 9 बजे श्री राधा सर्वेश्वर मंदिर के सभागार प्रांगण में संगीतमय अखण्ड रामचरित मानस पारायण का शुभारम्भ हुआ। यह पारायण 45 आसनों पर निरंतर चलता रहेगा और रविवार रात्रि 9 बजे सम्पन्न होगा।
मण्डल सदस्य शुभम मिश्रा ने बताया कि इस दो दिवसीय आयोजन में देशभर से विभिन्न प्रसिद्ध मानस मण्डल एवं कलाकार भाग ले रहे हैं। इनमें रामायण मण्डल फुलेरा, आचार्य मानस मण्डल अजमेर, रामायण मण्डल सोजत रोड, सुन्दरकाण्ड सखी संगठन किशनगढ़, ओम मानस मण्डल तिलक नगर किशनगढ़ सहित पुष्पा जायसवाल, विष्णु शर्मा, अरुण शर्मा, लखन भाटी (अजमेर), राजेन्द्र आचार्य, मुकेश टेलर, विशाल, ललित, चन्दू पलोड़, नरेन्द्र मिश्रा (अजमेर), उपेन्द्र त्यागी (अजमेर), प्रेम शर्मा (ब्यावर) आदि कलाकार संगीतमय रामायण पारायण की प्रस्तुतियां दे रहे हैं।
कार्यक्रम स्थल को विशेष रूप से सजाया गया है। ठाकुरजी की भव्य झांकी एवं दरबार ने भक्तों को आकर्षित किया है। श्रद्धालु लगातार दर्शन कर धर्मलाभ प्राप्त कर रहे हैं। इस अवसर पर पीठाधीश्वर श्री निम्बार्काचार्य पीठ श्री श्रीजी महाराज ने संदेश प्रेषित कर आयोजन की सफलता की शुभकामनाएं दीं और सभी को आशीर्वचन प्रदान किए।
कार्यक्रम के दौरान वृन्दावन से पधारे पूज्य संत श्री गोपीराम जी महाराज ने प्रवचन में कहा कि श्री रामचरित मानस, भगवद गीता और श्रीमद्भागवत सनातन संस्कृति के तीन अद्वितीय स्तंभ हैं। इनका पठन, श्रवण और स्पर्श मात्र से मानव का कल्याण होता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सनातन धर्मावलंबी को इन ग्रंथों को अपने घर में अवश्य रखना चाहिए। इनके पठन से सुख, मानसिक शांति एवं आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।
गोपीराम जी महाराज ने आगे कहा कि श्री रामचरित मानस अनुपम ग्रंथ है जिसकी तुलना वेदों से की गई है। गोस्वामी तुलसीदास जी ने इसे सरल भाषा में रचकर जन-जन के लिए सुलभ बनाया, जिससे हर वर्ग का व्यक्ति इसके माध्यम से जीवन की दिशा पा सकता है।
मंदिर सभागार में भक्तिमय वातावरण और मधुर भजनों की स्वर लहरियों के बीच श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है, जिससे संपूर्ण परिसर राम नाम के जयघोष से गूंजायमान हो रहा है।

