श्वास संबंधित रोगों की 27वीं कांफ्रेंस “नैपकॉन” — स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सब तक सुनिश्चित हो, श्वास रोगों के निदान का प्रभावी तंत्र विकसित हो : राज्यपाल
रिपोर्ट : नरेश गुनानी, टेलीग्राफ टाइम्स
14 नवम्बर 2025, जयपुर।
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने चिकित्सकों से आह्वान किया कि वे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित करने के लिए समर्पण के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि श्वास संबंधित रोगों में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए इन रोगों के निदान और उपचार के लिए अधिक वैज्ञानिक, विश्वसनीय और प्रभावी तंत्र विकसित किया जाना आवश्यक है।

राज्यपाल शुक्रवार को बिड़ला सभागार में आयोजित श्वास संबंधी रोगों की 27वीं राष्ट्रीय कांफ्रेंस “नैपकॉन” को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज पर्यावरण प्रदूषण गंभीर समस्या बन चुका है। हवा में घुलते प्रदूषक तत्व श्वसन तंत्र को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहे हैं। इसके अलावा धूम्रपान, तंबाकू सेवन और विभिन्न प्रकार की एलर्जी भी श्वास संबंधी बीमारियों को बढ़ाने वाले प्रमुख कारक हैं।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता से निदान एवं जागरूकता को बढ़ावा
राज्यपाल ने स्वास्थ्य क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बढ़ते उपयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि यह तकनीक रोगों की समय पर पहचान, उनके विश्लेषण, उपचार के बेहतर तरीकों को विकसित करने तथा जन-जागरूकता बढ़ाने में अत्यंत सहायक हो सकती है। उन्होंने इसके प्रभावी उपयोग पर बल दिया ताकि जटिल श्वसन रोगों को प्रारंभिक अवस्था में ही पहचाना और नियंत्रित किया जा सके।
तंबाकू एवं धूम्रपान से बढ़ते रोगों पर चिंता
अपने संबोधन में राज्यपाल ने तंबाकू और धूम्रपान से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य दुष्परिणामों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ये आदतें कैंसर सहित कई घातक रोगों का मुख्य कारण हैं। उन्होंने चिकित्सक समुदाय से आग्रह किया कि वे समाज को इन खतरों से जागरूक करने में अपनी भूमिका और मजबूत करें।
आयुष्मान भारत योजना को बताया वरदान
राज्यपाल ने कहा कि भारत सरकार की आयुष्मान भारत योजना दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है, जो गरीबों, वंचितों और सामान्य नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएँ प्रदान कर रही है। उन्होंने चिकित्सकों से आग्रह किया कि वे योजना का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करते हुए ज़रूरतमंद मरीजों को इसका अधिकाधिक लाभ दिलाएं।
स्मारिका का विमोचन
कार्यक्रम में राज्यपाल ने “नैपकॉन” की स्मारिका का विमोचन भी किया और चिकित्सा समुदाय के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस प्रकार के सम्मेलन स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र की गुणवत्ता सुधारने, नई तकनीकों को अपनाने और चिकित्सकों के बीच अनुभव साझा करने के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे।