श्री नृसिंहजी मंदिर का पाटोत्सव आज: पूर्व संध्या पर निकली दिव्य वराह लीला, भक्तिमय वातावरण में गूंजे जयकारे

श्री नृसिंहजी मंदिर का पाटोत्सव आज: पूर्व संध्या पर निकली दिव्य वराह लीला, भक्तिमय वातावरण में गूंजे जयकारे

Edited By: लोकेंद्र सिंह शेखावत
टेलीग्राफ टाइम्स
मई 23, 2025

जयपुर, चांदपोल। चांदपोल बाजार स्थित नींदड़ रावजी का रास्ता पर विराजित श्री नृसिंहजी मंदिर में शनिवार को पाटोत्सव बड़े ही श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। तीन दिवसीय उत्सव की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को वराह लीला का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भक्ति की अनुपम अनुभूति प्राप्त की।

पाटोत्सव की प्रमुख झलकियां: श्री नृसिंहजी अग्रवाल पंचायत समिति के अध्यक्ष चेतन अग्रवाल और मंत्री कैलाश चंद अग्रवाल के अनुसार, शनिवार को पाटोत्सव के अवसर पर ठाकुरजी का पंचामृत अभिषेक वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया जाएगा। नवीन पोशाक धारण कराकर ठाकुरजी को आभूषणों और ऋतु पुष्पों से सजाया जाएगा। मंदिर में प्रतिष्ठित सभी विग्रहों का भी विशेष श्रृंगार किया जाएगा। इसके पश्चात सामूहिक महाआरती एवं प्रसाद वितरण होगा। मंदिर को फूलों से आकर्षक रूप में सजाया गया है।

वराह लीला: भगवान विष्णु के दिव्य अवतार की जीवंत प्रस्तुति पूर्व संध्या पर शुक्रवार को वराह लीला का आयोजन किया गया, जिसमें भगवान विष्णु के वराह अवतार की झांकी निकाली गई। पूजन और महाआरती के बाद शोभायात्रा चांदपोल की ओर रवाना हुई। भगवान वराह की भव्य सवारी ने पूरे मार्ग को भक्तिमय बना दिया।

हर चौराहे पर हुआ स्वागत, उमड़ा श्रद्धा का सैलाब सवारी मार्ग में चांदपोल रामचंद्रजी मंदिर, चांदपोल हनुमानजी मंदिर और भोमियां जी मंदिर सहित कई धार्मिक स्थलों पर आरती उतारकर भगवान का स्वागत किया गया। महंत नरेंद्र तिवारी, पुजारी सुभाष शर्मा, विष्णु शर्मा, रतन लाल अग्रवाल, रामेश्वर चौधरी, सत्यनारायण घीवाला, डॉ. पुष्कर तिवाड़ी जैसे अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने आरती में भाग लिया।

भक्तों की सेवा में समर्पित आयोजन समिति वराह भगवान के स्वरूप को गर्मी से बचाने के लिए पूरे मार्ग में पंखों और कूलरों की व्यवस्था की गई। शीतल जल, मिल्क रोज और शर्बत से श्रद्धालुओं की सेवा की गई। संयोजक मनोज अग्रवाल, उपाध्यक्ष अभिषेक अग्रवाल, कोषाध्यक्ष ओमप्रकाश अग्रवाल सहित समिति के सभी पदाधिकारी सक्रिय भूमिका में रहे। व्यापार महासंघ अध्यक्ष सुभाष गोयल ने भी आरती उतारी।

शानदार आतिशबाजी और श्रद्धा की छाया में समाप्ति रंगीन आतिशबाजी के बीच शोभायात्रा सद्गुरु मंदिर होते हुए पुनः नींदड़ रावजी के रास्ता स्थित मंदिर पहुंची, जहां आरती और प्रसाद वितरण के साथ लीला का समापन हुआ। शनिवार को होने वाले पाटोत्सव की तैयारियों को शुक्रवार को अंतिम रूप दे दिया गया।

 

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