श्रीराम–सीता विवाह उत्सव में उमड़ा भक्तिभाव, महिलाओं ने किया भावपूर्ण नृत्य
| लोकेंद्र सिंह शेखावत
जयपुर। प्रताप नगर दहलावास बालाजी मंदिर के सामने स्थित श्री मंगल गणेश मंदिर में महिला सत्संग मंडल एवं सिद्धेश्वर विकास ग्रुप के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित श्रीराम कथा का आयोजन श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में जारी है। कथा के चतुर्थ दिवस पर भगवान श्रीराम के विवाह प्रसंग का भव्य और भावविभोर कर देने वाला आयोजन हुआ, जिसमें महिलाओं ने भजनों पर भक्ति भाव नृत्य कर उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कथा वाचक पंडित योगेश कृष्ण शास्त्री महाराज ने बताया कि चतुर्थ दिवस पर भगवान श्रीराम की बाल लीलाओं का वर्णन किया गया। इसके पश्चात जनकपुर प्रवेश का प्रसंग सुनाया गया, जहां श्रीराम के धनुष भंग करने के साथ सीता-राम विवाह का दिव्य उत्सव मनाया गया। इस अवसर पर भगवान श्रीराम की मनोहर झांकी निकाली गई, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े।
कथा के दौरान पंडित योगेश कृष्ण शास्त्री महाराज द्वारा गाए गए भजनों— “राम जनकपुर सभा में पहुंचे, धनुष भंग कर डाला”, “रामचंद्र मन बसे सिया के, डाल दी गले में वरमाला” तथा “बाजी बाजी रे शहनाई, जनक नगरी आज आई रे बारात”— पर महिलाओं ने जयघोष के साथ भक्ति भाव नृत्य किया। ढोल-नगाड़ों और शहनाइयों की धुन पर पूरा पंडाल राममय हो उठा और श्रद्धालु झूमने को विवश हो गए।
पूर्व दिवसों में भी हुआ भव्य आयोजन
आयोजकों ने बताया कि श्रीराम कथा के प्रथम दिन भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। प्रथम दिवस पर श्रीराम कथा का महत्व तथा याज्ञवल्क्य–भारद्वाज संवाद का वर्णन किया गया। द्वितीय दिवस पर शिव–पार्वती विवाह महोत्सव का आयोजन हुआ, जिसमें भगवान शिव की बारात निकाली गई। डमरू की गूंज और शिव भजनों पर भक्तों ने उत्साहपूर्वक नृत्य किया। तृतीय दिवस पर श्रीराम जन्मोत्सव मनाया गया, जहां महिला सत्संग मंडल द्वारा मंगल गीत और बधाइयों की प्रस्तुति दी गई।
सेवा में रही अनेक भक्तों की सहभागिता
इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में सुरेश चंद्र गुप्ता, अशोक गुप्ता, रामकुमार पालीवाल, अमित गौतम, हरिशंकर, पुष्पा शर्मा, गिरधर चौधरी, सीमा चौधरी, महेंद्र अग्रवाल, सुमन अग्रवाल, श्याम सुंदर गर्ग, संतोष गर्ग सहित अनेक राम भक्तों की सराहनीय भूमिका रही। आयोजकों ने बताया कि आगामी दिनों में भी कथा के शेष प्रसंगों के साथ विविध धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।