श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिवस पर स्वामी रामानन्द गिरी के प्रवचन: “प्रेम, उत्साह और इच्छा से होती है भगवान की प्राप्ति”

श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिवस पर स्वामी रामानन्द गिरी के प्रवचन: “प्रेम, उत्साह और इच्छा से होती है भगवान की प्राप्ति”
✍️ हरिप्रसाद शर्मा
📍पुष्कर/अजमेर

Edited By : नरेश गुनानी
टेलीग्राफ टाइम्स
जुलाई 08,2025

धार्मिक नगरी पुष्कर स्थित गिरिशानन्द आश्रम में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत महापुराण के छठे दिवस पर महंत श्री श्री 1008 स्वामी रामानन्द गिरी ने भक्तों को भगवान भक्ति की गूढ़ व्याख्या करते हुए कहा —

“भगवान की प्राप्ति तब होती है जब हृदय में उनके प्रति प्रेम, उत्साह और प्रबल इच्छा होती है।”

भक्तिभाव से ही होता है भगवान का प्राकट्य

स्वामी रामानन्द गिरी ने व्यासपीठ से कहा कि केवल शास्त्र पढ़ने या मंदिर जाने मात्र से भगवान नहीं मिलते, जब मनुष्य के भीतर भगवान के प्रति व्याकुलता होती है, तब प्रभु स्वयं प्रकट हो जाते हैं। उन्होंने कहा —

“श्रद्धा और स्मरण से ही भगवान प्राप्त होते हैं। वे भक्तों की भावना को जानते हैं, बस उनसे कुछ माँगने की आवश्यकता नहीं, केवल स्मरण करते रहिए।”

महारास: ब्रह्म और जीव का दिव्य संगम

कथावाचक ने भगवान श्रीकृष्ण की महारास लीला का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि यह कोई साधारण रास नहीं, बल्कि गोपियों के साथ भगवान का आध्यात्मिक मिलन है —

“महारास, ब्रह्म और जीव के रस का संगम है। यह लौकिक नहीं, अलौकिक रास है, जो केवल प्रेम के चरम पर ही संभव है।”

सांसारिक बंधनों से मुक्ति का मार्ग

उन्होंने कहा कि हम जिस चीज से बंधे हैं, वह सुख प्रतीत होता है, पर वास्तव में वह मोह का बंधन है। विषय-वासनाओं से कुछ बिगड़ता नहीं, परंतु इंद्रियाँ क्षीण होती जाती हैं। उन्होंने श्रोताओं से आग्रह किया कि —

“भगवान से कभी ऐश्वर्य या भौतिक सुख की आकांक्षा नहीं करनी चाहिए। केवल उनकी भक्ति और स्मरण में लीन रहना ही सच्चा सुख है।”

बाल संस्कारों पर विशेष बल

स्वामी रामानन्द गिरी ने कहा कि आज बच्चों को बचपन से ही ऐसे संस्कार देने चाहिए कि वे प्रतिदिन माता-पिता को प्रणाम करें और भक्ति के मार्ग पर अग्रसर हों।

कृष्ण-रुक्मिणी विवाह का आयोजन

कथा के दौरान श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह का आयोजन भी भक्तिभाव और परंपरागत विधियों के साथ सम्पन्न हुआ, जिससे वातावरण भावविभोर हो उठा।


पुष्कर सरोवर में होगी भव्य महाआरती

कथा के विश्राम दिवस बुधवार को प्रातः 9:30 बजे से कथा प्रारंभ होगी। इसके पश्चात स्वामी श्री रामानन्द गिरी के आचार्यत्व में पवित्र पुष्कर सरोवर की महाआरती व पूजन का भव्य आयोजन किया जाएगा।

यह आयोजन भक्तों के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का स्त्रोत बनेगा। सैकड़ों श्रद्धालु इस दिव्य अनुष्ठान में भाग लेने की तैयारी कर चुके हैं।

 

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