श्रीगंगानगर जिले में व्यापक विकास कार्यों की प्रगति, सिंचाई और अवसंरचना को मिले नए आयाम
| नरेश गुनानी
श्रीगंगानगर, 5 दिसंबर। राज्य सरकार द्वारा श्रीगंगानगर जिले में चल रहे विकास कार्यों से क्षेत्र में कृषि, सिंचाई और सड़क अवसंरचना में तेजी से सुधार हो रहा है। सरकार की प्रतिबद्धता के परिणामस्वरूप सिंचाई तंत्र को मजबूत करने के साथ ही किसानों को लाभ पहुंचाने वाले कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।
सिंचाई तंत्र के विस्तार और मजबूती पर बड़ा निवेश
सरकार द्वारा कंवरसेन लिफ्ट नहर की क्षतिग्रस्त खालों के जीर्णोद्धार पर 185 करोड़ रुपये, भाखड़ा और गंगनहर परियोजना क्षेत्रों में नई खालों के निर्माण पर 60 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके साथ ही रायसिंहनगर, अनूपगढ़, घड़साना, रावला और श्रीविजयनगर क्षेत्रों के 44 हजार हेक्टेयर सिंचित क्षेत्र में पक्के खालों का पुनर्निर्माण करने के लिए 200 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
इसके अतिरिक्त, इंदिरा गांधी मुख्य नहर के बुर्ज 620 से 1458 तक दोनों पटड़ों का सुदृढ़ीकरण 75 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। यह परियोजना अंतिम खेत तक पानी पहुंचाने में सहायक सिद्ध होगी।
सड़क एवं संरचनागत विकास का विस्तार
श्रीगंगानगर-कोटपूतली ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की डीपीआर तैयार की जा रही है, जिससे जिले को नए औद्योगिक और व्यापारिक अवसर मिलेंगे। साथ ही, करणपुर-केसरीसिंहपुर वाया धनूर सड़क का चौड़ीकरण कार्य 46 करोड़ रुपये से कराया जाएगा।
सरकार का दावा है कि पिछले दो वर्षों में जिले में विकास कार्य उतनी मात्रा में पूरे हुए हैं, जितने कार्य पूर्ववर्ती शासन में 5 वर्षों में नहीं हो सके।
कृषि हितों की सुरक्षा और ऐतिहासिक परियोजनाओं का पुनरुद्धार
गंगनहर के पुनरुद्धार को किसानों के हित में महत्वपूर्ण कदम बताया गया। यह नहर वर्ष 1925 में महाराजा गंगा सिंह द्वारा शुरू की गई थी, जिसने रेगिस्तान को उपजाऊ भूमि में बदलने का कार्य किया। वर्तमान में नहरों का आधुनिकीकरण, जल वितरण की बेहतर व्यवस्था और खाल प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में सरकार तेजी से काम कर रही है।
सिंचाई नेटवर्क के सुदृढ़ होने से किसानों को खेतों तक पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
इसी क्रम में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में सुसंगतीकरण से भी श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ जिले के किसानों को राहत मिली है। किसानों को फसलों पर अन्य राज्यों की तुलना में अधिक न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) प्राप्त हो रहा है।
प्रदर्शनी एवं स्थानीय कार्यक्रमों की गतिविधियाँ
सभा स्थल पर जल संसाधन विभाग द्वारा प्रमुख विकास परियोजनाओं की प्रदर्शनी लगाई गई, जिसे मुख्यमंत्री ने देखा। उन्होंने उद्यानिकी विभाग की ‘एक जिला एक प्रजाति’ योजनाओं तथा कृषि विपणन विभाग द्वारा प्रदर्शित उत्पादों की जानकारी भी ली।
कार्यक्रम के दौरान गाजर धुलाई मशीन का निरीक्षण, गंगनहर का पूजा-अर्चन तथा महाराजा गंगा सिंह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। सादुलशहर क्षेत्र में पिछले दो वर्षों में हुए विकास कार्यों पर आधारित पुस्तिका का भी विमोचन किया गया।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में राज्य किसान आयोग के अध्यक्ष सी.आर. चौधरी, राजस्थान माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद राय टांक, विधायकों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया।
इन सभी प्रयासों से श्रीगंगानगर जिले में सिंचाई सुविधाएं मजबूत होंगी, कृषि उत्पादन बढ़ेगा और ग्रामीण इलाकों में विकास को नई गति मिलेगी।

